मंत्री झाबर सिंह खर्रा की भाभी का टिकट भाजपा से कटा, बेटे ने पहले ही भर दिया था निर्दलीय पर्चा
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के बीच नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा का परिवार एक बार फिर चर्चा में है। पहले उनके बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा ने श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के वार्ड 19 से निर्दलीय नामांकन दाखिल किया। इसके बाद मंत्री के भाई महावीर सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को भी भाजपा ने टिकट नहीं दिया। पार्टी ने जिला परिषद के वार्ड 23 से उनकी जगह सुंदरी देवी को उम्मीदवार बनाया है।
खर्रा के बेटे ने भरा निर्दलीय पर्चा
मंत्री झाबर सिंह खर्रा के बेटे दुर्गा सिंह खर्रा ने बुधवार को सीकर जिले की श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के वार्ड 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मांगा था। उनके मुताबिक, क्षेत्र में पिछले ढाई साल से पार्टी कार्यकर्ताओं और कुछ मतदाताओं के बीच नाराजगी थी। समर्थकों के आग्रह पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।
दुर्गा सिंह ने खुद को भाजपा की विचारधारा से जुड़ा बताया है। उनके निर्दलीय मैदान में उतरने से स्थानीय स्तर पर पार्टी की रणनीति और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
भाई की पत्नी को भी नहीं मिला टिकट
बेटे के नामांकन के अगले दिन गुरुवार को भाजपा की प्रत्याशी सूची जारी हुई। इसमें मंत्री के भाई महावीर सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह का नाम नहीं था। प्रतिभा सिंह ने जिला परिषद के वार्ड 23 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। लेकिन पार्टी ने उनकी जगह सुंदरी देवी को उम्मीदवार बनाया।
इस घटनाक्रम ने टिकट वितरण को लेकर चल रही चर्चाओं को और बढ़ा दिया। एक तरफ मंत्री के बेटे ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया, तो दूसरी तरफ परिवार की एक अन्य सदस्य को पार्टी का टिकट नहीं मिला। हालांकि, इन दोनों घटनाओं को जोड़कर किसी अंदरूनी विवाद का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
मदन राठौड़ बोले- भाजपा में परिवारवाद नहीं चलता
मंत्री पुत्र के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने गुरुवार को पार्टी का पक्ष रखा। भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में परिवारवाद नहीं चलता।
राठौड़ ने दुर्गा सिंह के फैसले को उनकी व्यक्तिगत सोच से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। किसी को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
निर्दलीय चुनाव लड़ना बगावत नहीं
राठौड़ ने उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने के फैसले को सीधे तौर पर बगावत या अनुशासनहीनता नहीं बताया। उनके बयान के बाद भाजपा की राजनीति में परिवारवाद और व्यक्तिगत चुनावी फैसलों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
टीकाराम जूली ने भाजपा को घेरा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के बेटे के निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम पार्टी के संगठनात्मक दावों और अंदरूनी नाराजगी पर सवाल खड़े करता है।
मंत्री के बेटे को भाजपा पर भरोसा नहीं
जूली ने कहा कि जब UDH मंत्री के बेटे को ही पार्टी के टिकट पर भरोसा नहीं है, तो जनता भाजपा से क्या उम्मीद करेगी? उन्होंने इसे पार्टी के भीतर असंतोष से जोड़ते हुए भाजपा की चुनावी तैयारियों पर सवाल उठाए।
जूली ने अजमेर जिले के केकड़ी में जिला परिषद के वार्ड 12 से कांग्रेस प्रत्याशी हंसराज गुर्जर की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष रखने की मांग की। गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस कार्रवाई के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
पंचायत चुनाव में बढ़ी सियासी हलचल
राजस्थान (Rajasthan) में पंचायत चुनाव के बीच खर्रा परिवार से जुड़े इन घटनाक्रमों ने टिकट वितरण और स्थानीय संगठन की भूमिका पर बहस तेज कर दी है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने चुनाव लड़ने के अधिकार की बात कही है, जबकि कांग्रेस इसे पार्टी के भीतर असंतोष से जोड़ रही है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि श्रीमाधोपुर में दुर्गा सिंह खर्रा को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में कितना समर्थन मिलता है और जिला परिषद वार्ड 23 में भाजपा की सुंदरी देवी का मुकाबला कैसा रहता है। इन दोनों सीटों पर चुनावी तस्वीर आगे की प्रक्रिया और प्रचार के दौरान और साफ होगी।