ट्रांसफर चाहने वालों के लिए विधायक ने बनवाया मंदिर, अर्जी अब प्रभु के चरणों में
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर सिटी के भाजपा विधायक अतुल भंसाली ने अपने कार्यालय में “डिजायर मंदिर” बनवाया।
- मंदिर में राम की तस्वीर के सामने एक बॉक्स रखा है, जिसमें ट्रांसफर अर्जियां डाली जाती हैं।
- विधायक का कहना है कि हम सिर्फ डाकिया हैं और काम नियमों के तहत होता है।
- राजस्थान में ट्रांसफर सीजन के बीच यह अनोखी व्यवस्था चर्चा में बनी हुई है।
राजस्थान में इस वक्त ट्रांसफर सीजन चल रहा है। ट्रांसफर कराने के लिए कर्मचारी और उनके समर्थकों की नेताओं के यहां भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में जोधपुर सिटी के भाजपा विधायक अतुल भंसाली ने ट्रांसफर वालों के लिए अनोखी व्यवस्था की है।
भंसाली ने अपने कार्यालय में डिजायर मंदिर बनवाया है। यह मंदिर सिर्फ ट्रांसफर चाहने वालों को समर्पित किया है। इसमें भगवान श्रीराम की तस्वीर के सामने एक बॉक्स रखा गया है।
रोचक बात यह है कि विधायक के पास जो भी कर्मचारी या कार्यकर्ता ट्रांसफर के लिए अर्जी लेकर आता है, उससे यही कहा जाता है कि आप यह अर्जी इस बॉक्स में डाल दीजिए। विधायक का कहना है कि वे भगवान नहीं, सिर्फ डाकिया हैं। भगवान की मर्जी से ही सबका काम होगा।
विधायक ने क्यों बनाया यह मंदिर
भंसाली ने बताया कि वे हर रोज 17 से 18 घंटे काम करते हैं। फील्ड और ऑफिस दोनों जगह। अगर दिनभर सिर्फ डिजायर सुनते रहेंगे तो जनता के असली मुद्दे कब सुलझाएंगे।
इसीलिए यह डिजायर मंदिर बनाया गया है, जिससे लोगों की अर्जी एक जगह जाए और उनका समय भी बचे।
उन्होंने बताया कि करीब दस साल पहले उनके काका स्वर्गीय कैलाश भंसाली भी विधायक थे। तब से वे यह सब देखते आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी पदाधिकारियों ने भी यही सलाह दी थी कि डिजायर की बीमारी से दूर रहो।
सभी कर्मचारी जोधपुर में नहीं आ सकते
भंसाली ने साफ कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों को जोधपुर में नहीं लगाया जा सकता। यह संभव ही नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति के चरित्र का सर्टिफिकेट देना उनके बस की बात नहीं। फिर भी लोग सिफारिश लेकर आते हैं। कोई न कोई दबाव बनाने की कोशिश करता है।
भंसाली ने माना कि जो भी अर्जी आती है, वह सरकार के नियमों के दायरे में ही चलती है। लेकिन लोग मानते हैं कि विधायक को सौंप दिया तो काम जरूर होगा। वे इस सोच से सहमत नहीं हैं।
विधायक की अनुशंसा पर होते हैं ट्रांसफर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों के लिए 5 जुलाई तक ट्रांसफर बैन हटाया है। राजस्थान में स्थानीय भाजपा विधायक की अनुशंसा के आधार पर ट्रांसफर किए जाते हैं।
भंसाली ने कहा कि वे इस परंपरा के खिलाफ हैं। हम महज एक डाकिया हैं, भगवान नहीं। इसलिए जो भी यहां आए, अपनी अर्जी भगवान के चरणों में रख दे। उनका कहना है कि भगवान की मर्जी से ही सबका भला होगा।
FAQ
- डिजायर मंदिर क्या है?
जोधपुर के विधायक अतुल भंसाली ने अपने कार्यालय में एक मंदिर बनवाया है। यहां भगवान श्रीराम की तस्वीर के सामने एक बॉक्स रखा है। लोग इसमें ट्रांसफर की अर्जी डालते हैं। - राजस्थान में ट्रांसफर की प्रक्रिया क्या है?
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ट्रांसफर बैन हटाया है। यहां स्थानीय विधायक की अनुशंसा के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के तबादले किए जाते हैं। विधायक की सिफारिश के बाद विभाग निर्णय लेता है। - विधायक अतुल भंसाली ट्रांसफर की सिफारिश क्यों नहीं करते?
भंसाली का कहना है कि हर व्यक्ति के चरित्र का सर्टिफिकेट वे नहीं दे सकते। वे इस परंपरा के खिलाफ हैं। साथ ही, सभी कर्मचारियों को जोधपुर में नहीं लगाया जा सकता, इसलिए वे भगवान पर छोड़ देते हैं।
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