मनरेगा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार करेगी नियमित
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान सरकार मनरेगा के 3967 संविदा कर्मियों को नियमित करेगी।
- लेखा सहायक, JTA, कंप्यूटर ऑपरेटर और ग्राम रोजगार सहायकों को मिलेगा लाभ।
- सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के तहत स्क्रीनिंग करके किया जाएगा नियमितीकरण।
- अलवर में 146, बाड़मेर में 225, उदयपुर में 321 कार्मिक कार्यरत हैं।
- इस साल के अंत तक पूरी हो सकती है नियमितीकरण की प्रक्रिया।
राजस्थान में मनरेगा यानी MGNREGA (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) के तहत प्रदेशभर में संविदा पर कार्यरत 3967 लेखा सहायक, कनिष्ठ तकनीकी सहायक यानी JTA (Junior Technical Assistant), कंप्यूटर ऑपरेटर और ग्राम रोजगार सहायकों के लिए बड़ी खुशखबरी है।
राज्य सरकार इन सभी को नियमित करने जा रही है। सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के तहत स्क्रीनिंग करके इन्हें यह लाभ दिया जाएगा। मनरेगा के तहत हर जिले में इन पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती हुई थी।
लंबे समय से चल रही थी मांग
जिलों में कनिष्ठ सहायक बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। इनका मुख्य काम मनरेगा कार्यों में श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाना और तकनीकी सहायता देना है। इसके लिए तय मानदेय मिलता है। यह कर्मचारी काफी समय से स्थायीकरण की मांग कर रहे थे।
बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत ने विधानसभा में सवाल पूछा था कि इन कार्मिकों के स्थायीकरण को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही है।
इसका जवाब अब सरकार की ओर से आया है। सरकार ने कहा है कि यह प्रक्रिया जारी है और कार्मिकों की स्क्रीनिंग का फॉर्मूला भी सामने रखा गया है।
किस जिले में कितने कार्मिक कार्यरत
वर्तमान में अजमेर में 90, अलवर में 146, भरतपुर में 101, बाड़मेर में 225, बारां में 125, भीलवाड़ा में 139, दौसा में 64, धौलपुर में 42, जयपुर में 184, जोधपुर में 142 और उदयपुर में 321 कार्मिक कार्यरत हैं। इसी तरह अन्य जिलों में भी अलग-अलग पदों पर संविदा कर्मी काम कर रहे हैं।
साल के अंत तक हो सकती है प्रक्रिया पूरी
माना जा रहा है कि सरकार इस साल के आखिर तक इनके स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। यह उन हजारों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है जो वर्षों से मनरेगा के तहत संविदा पर काम करते हुए नियमितीकरण की राह देख रहे थे।
FAQ
- राजस्थान सरकार किन कर्मचारियों को नियमित करने जा रही है?
मनरेगा के तहत संविदा पर कार्यरत 3967 लेखा सहायक, कनिष्ठ तकनीकी सहायक (JTA), कंप्यूटर ऑपरेटर और ग्राम रोजगार सहायकों को नियमित किया जाएगा। सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के तहत इनकी स्क्रीनिंग होगी। - राजस्थान के किस जिले में सबसे ज्यादा और सबसे कम मनरेगा संविदा कार्मिक कार्यरत हैं?
उदयपुर में सबसे ज्यादा 321 कार्मिक कार्यरत हैं, जबकि धौलपुर में सबसे कम 42 कार्मिक हैं। अलवर में 146, जयपुर में 184 और बाड़मेर में 225 कार्मिक कार्यरत हैं।
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