राजस्थान में प्रसूता संकट गहराया, नागौर और डीडवाना में भी दो मौतें

Jageshwar prasad | Jun 23, 2026, 10:55 IST
कोटा-बीकानेर के बाद अब नागौर और डीडवाना में भी प्रसव मौतें
राजस्थान के नागौर के जेएलएन अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के बाद रूकमा (21) की एंबुलेंस में मौत हुई। डीडवाना के बांगड़ अस्पताल में मोनिका (22) और गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • कोटा और बीकानेर के बाद भी प्रसूता मौतों का सिलसिला जारी।
  • नागौर में डिलीवरी के बाद 21 वर्षीय रूकमा की एंबुलेंस में मौत।
  • डीडवाना में 22 वर्षीय मोनिका और गर्भस्थ शिशु की प्रसव के दौरान मौत।
  • परिजनों ने दोनों अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का लगाया आरोप।
  • नागौर में परिजनों का आरोप- इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ी तबीयत।

राजस्थान में कोटा और बीकानेर के बाद अब नागौर और डीडवाना से भी प्रसूता मौत की दर्दनाक खबर आई है। सोमवार को दो अलग-अलग हादसों में दो मांओं ने अपनी जान गंवाई।



नागौर के जेएलएन (JLN) जिला चिकित्सालय में नॉर्मल डिलीवरी के बाद 21 वर्षीय रूकमा की अचानक तबीयत बिगड़ी और जोधपुर रेफर के दौरान एंबुलेंस में ही उसकी मौत हो गई।



डीडवाना के राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल में 22 वर्षीय मोनिका और उसके गर्भस्थ शिशु की प्रसव के दौरान मौत हो गई। दोनों मामलों में परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।



नॉर्मल डिलीवरी, फिर एंबुलेंस में मौत

नागौर जिले के कांटिया गांव निवासी रूकमा (21) सोमवार सुबह करीब 9 बजे जेएलएन अस्पताल की एमसीएच (Maternal and Child Health) विंग में भर्ती हुई। नॉर्मल डिलीवरी हुई और जच्चा-बच्चा दोनों ठीक थे।



एमसीएच विंग के लेबर रूम प्रभारी डॉ. शैलेंद्र लोमरोड ने बताया कि दिनभर प्रसूता ठीक रही, ब्लीडिंग भी नहीं थी। शाम को उसने छाती में दर्द की शिकायत की। ड्यूटी डॉक्टर रजनीश ने उसे देखा, ड्रिप और साधारण इंजेक्शन लगाए लेकिन सुधार नहीं होने पर जोधपुर रेफर किया गया।



रेजिडेंट डॉ. रजनीश ने कहा कि उनका प्रथम दृष्टया यह हार्ट अटैक का मामला लग रहा है। लेकिन रेफर के दौरान एंबुलेंस में बैठाते समय ही रूकमा की मौत हो गई।



परिजनों का आरोप, इंजेक्शन ने बिगाड़ी हालत

रूकमा के ककाससुर मुन्नाराम ने लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रसव के बाद तबीयत ठीक थी लेकिन दोपहर बाद बिगड़ने लगी। जब पूछा क्या दिक्कत है तो डॉक्टर और नर्स ने कहा जितना हो सका हमसे, कर दिया, अब जोधपुर ले जाओ।



रूकमा की ननद साबू ने और गंभीर आरोप लगाया। उसने कहा कि नर्सिंग स्टाफ ने बधाई के नाम पर 4 से 5 हजार रुपए भी लिए। जब रूकमा ने पीठ दर्द की शिकायत की तो दो इंजेक्शन लगाए, फिर भी दर्द कम नहीं हुआ।



परिजनों के साथ मौजूद महिलाओं का आरोप था कि इंजेक्शन लगाने के बाद रूकमा की तबीयत और ज्यादा खराब हुई। एक के बाद एक तीन-चार इंजेक्शन लगाए गए जिससे स्थिति और बिगड़ती गई।



मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत

डीडवाना के राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल में मोनिका (22) की प्रसव के दौरान मौत हो गई। उसके गर्भस्थ शिशु की भी मौत हुई।



अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मोनिका की मौत का कारण गर्भावस्था के दौरान हाई बीपी (High Blood Pressure) और दौरे आना था। लेकिन परिजनों ने यहां भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।



मामला बढ़ता देख डीएसपी जतिन जैन मौके पर पहुंचे। देर रात समझाइश के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया जा सका।



राजस्थान में प्रसूता मौतों का सिलसिला

यह मामला राजस्थान में प्रसूता मौतों की चिंताजनक तस्वीर को और गहरा करता है। इससे पहले कोटा में 13 दिनों में 5 माओं ने दम तोड़ा था। बीकानेर पीबीएम हॉस्पिटल में भी किडनी फेल कांड में 2 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है।



कल ही जोधपुर में 8 प्रसूताओं की तबियत बिगड़ी थी जिसमें 2 ICU में हैं। अब नागौर और डीडवाना ने इस सूची में दो और नाम जोड़ दिए हैं।



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