नाहरगढ़ पार्क में बाघ के हमले से महिला कर्मचारी की मौत, दोषी कर्मचारी को किया निलंबित
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ का हमला।
- सफाई कर रही महिला की मौके पर हुई मौत।
- बाघ शिवाजी ने 16 नंबर एंक्लोजर में किया हमला।
- केयरटेकर की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।
- वन विभाग और पुलिस ने शुरू की जांच।
राजस्थान जयपुर के प्रसिद्ध नाहरगढ़ जैविक उद्यान से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पार्क में नियमित रखरखाव और सफाई कार्य में लगी एक महिला सफाईकर्मी पर बाघ शिवाजी ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार यह घटना 16 नंबर एंक्लोजर के पास हुई। घटना के तुरंत बाद पूरे बायोलॉजिकल पार्क परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही आमेर थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
सफाई के दौरान अचानक हुआ हमला
मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला मजदूर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के 16 नंबर एंक्लोजर के नजदीक सफाई व्यवस्था का काम कर रही थी। उसी दौरान एंक्लोजर में मौजूद बाघ शिवाजी ने उस पर हमला बोल दिया।
बताया जा रहा है कि हमले के बाद महिला को संभलने का मौका नहीं मिला। उसकी चीख सुनकर आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी दौड़े, लेकिन तब तक बाघ के हमले से उसकी मौत हो चुकी थी। पार्क प्रबंधन ने तुरंत क्षेत्र को खाली कराया और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम को अलर्ट किया।
लापरवाही पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद पार्क प्रशासन और केयरटेकर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आमतौर पर किसी भी बाघ या हिंसक वन्यजीव के एंक्लोजर में सफाई या रखरखाव का काम शुरू करने से पहले जानवर को सुरक्षित शेल्टर या होल्डिंग एरिया में लॉक किया जाता है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि केयरटेकर की अनदेखी के चलते बाघ का केज खुला रह गया या उसे सुरक्षित तरीके से लॉक नहीं किया गया था। आरोप है कि बिना सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच किए महिला मजदूर को सफाई के लिए अंदर भेज दिया गया, जिसके बाद यह हादसा हुआ।
वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
हादसे की खबर मिलते ही मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद, उप वन संरक्षक आशीष व्यास, सहायक वन संरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत, गौरव कुमार और आमेर थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा तुरंत नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे।
सभी अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही वन विभाग और बायोलॉजिकल पार्क के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना की विस्तृत जांच शुरू की।
शव मोर्चरी भेजा, जांच जारी
पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में भिजवा दिया है। उनके परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
दोषी कर्मचारी को किया निलंबित
डॉ. आशीष ने बताया कि घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की विस्तृत तथ्यात्मक जांच के लिए सहायक वन संरक्षक स्तर के अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में घटनाक्रम, सुरक्षा व्यवस्थाएं, निर्धारित एसओपी/सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य उपलब्ध अभिलेखों की जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि घटना के पश्चात मृतका के परिजनों एवं ग्रामीणों से प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारियों ने संवाद कर समझाइश की गई तथा उन्हें नियमानुसार उपलब्ध सहायता एवं आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया ।
उप वनसंरक्षक डॉ. आशीष ने बताया कि वन विभाग नाहरगढ़ जैविक उद्यान में कर्मचारियों, श्रमिकों एवं आगंतुकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की पुनः समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार इसे अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
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