थप्पड़कांड मामले में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत

Mukesh Sharma | Sept 22, 2026, 22:45 IST
SDM थप्पड़कांड में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से फिर जमानत मिली।
SDM थप्पड़कांड मामले में नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से दोबारा सशर्त जमानत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें हर महीने थाने में हाजिरी देने और जमानत के दौरान किसी अन्य अपराध में शामिल नहीं होने सहित कई शर्तों का पालन करने को कहा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • SDM थप्पड़कांड में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से फिर जमानत मिली।
  • हर महीने के पहले सप्ताह थाने में हाजिरी दर्ज करानी होगी।
  • जमानत के दौरान किसी दूसरे अपराध में शामिल नहीं होने की शर्त।
  • शर्तों के उल्लंघन पर विशेष कोर्ट ने पहले जमानत रद्द की थी।
  • मामला 2024 के देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान समरावता की घटना से जुड़ा है।

SDM थप्पड़कांड केस में नरेश मीणा को एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जस्टिस अनिल उपमन की अदालत ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नरेश मीणा जमानत के समय में संबंधित थाने में हर महीने के पहले सप्ताह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।



वहीं जमानत के दौरान किसी अन्य अपराध में शामिल नहीं होगा, इसके साथ ही जमानत पर रिहा होने के बाद समाज में अपनी छवि का महिमामंडन नहीं करेगा।



बता दे कि इसी मामले में हाईकोर्ट से नरेश मीणा को पहले जमानत मिल गई थी। लेकिन टोंक जिले के एससी-एसटी कोर्ट ने जमानत की शर्तों का उल्लंखन करने पर नरेश मीणा की जमानत को खारिज कर दिया था। जिसके बाद नरेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।



दरअसल, झालावाड़ स्कूल हादसे में 7 बच्चों की मौत के बाद नरेश मीणा धरने पर बैठे थे। इस पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया था। नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसी को आधार बनाकर नरेश मीणा की जमानत रद्द करने के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन लगाई थी।



कोर्ट ने कहा-तीन में से दो मामलों में आरोपी नहीं

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पहले जमानत मिलने के बाद जो तीन मामले नरेश मीणा के खिलाफ दर्ज किए गए थे। उनमे से दो मामलों में उसकी कोई भूमिका नहीं पाई गई हैं। वहीं एक मामले में उसे पहे से हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है और वह नियमित रूप से पुलिस थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा हैं।



नरेश मीणा की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता रजनीश गुप्ता और फतेह राम मीणा ने बताया कि नरेश मीणा के खिलाफ दर्ज किए गए अधिकतर मामले राजनीति से प्रेरित हैं। झालावाड़ मामले में भी हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए प्रथमदृष्ट्या मामले को राजनीति से प्रेरित माना था।



उप चुनाव में मारी थी एसडीएम को थप्पड़

दरअसल, नरेश मीणा ने देवली-उनियारा उपचुनाव-2024 में 13 नवंबर 2024 को टोंक के समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद समरावता सहित कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ कर घटना हुई थी।



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