NEET पेपर लीक: 5 राज्यों में बिका पेपर, महाराष्ट्र टॉप पर और राजस्थान दूसरे नंबर पर
News In Short
- NEET का लीक पेपर महाराष्ट्र, राजस्थान समेत 5 राज्यों में बिका।
- सबसे ज्यादा खरीदार महाराष्ट्र में, दूसरे नंबर पर राजस्थान।
- CBI अब पेपर खरीदने वाले पेरेंट्स की लिस्ट बना रही है।
- अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार, सबसे ज्यादा 7 महाराष्ट्र से।
- पुणे की ब्यूटी पार्लर के जरिए बना पेपर लीक का नेटवर्क।
News In Detail
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI जांच ने चौंकाने वाले नए खुलासे किए हैं। एजेंसी की जांच में अब तक यह साफ हो गया है कि लीक हुआ पेपर 5 राज्यों में बिका था। सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई है, जबकि दूसरे नंबर पर राजस्थान है।
CBI के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक गिरफ्तार हुए आरोपियों से पूछताछ और उनके डिजिटल गैजेट्स की जांच के बाद यह जानकारी सामने आई है। एजेंसी का कहना है कि आगे और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और बड़ा हो सकता है।
पेपर खरीदने वाले पेरेंट्स भी निशाने पर
अब सिर्फ पेपर लीक करने वाले बिचौलिए और मास्टरमाइंड ही नहीं, बल्कि भारी रकम देकर पेपर खरीदने वाले रसूखदार माता-पिता भी केंद्रीय जांच एजेंसियों के सीधे निशाने पर हैं। CBI अब उन सभी पेरेंट्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे।
एजेंसी ने पेपर लीक करने और बेचने वाले ज्यादातर बड़े चेहरों को बेनकाब कर दिया है, लेकिन अभी भी कुछ किरदार शक के दायरे में हैं। इनके खिलाफ सबूत जुटाने में CBI की दो टीमें लगी हैं।
वहीं, तीन टीमें पेपर खरीदने वाले परिजनों और छात्रों की धरपकड़ करने की तैयारी कर रही हैं। 20 मई की रात को महाराष्ट्र से इसकी शुरुआत हो चुकी है और CBI जल्द ही दूसरे राज्यों में भी छापेमारी करेगी।
5 राज्यों में फैला नेटवर्क
CBI जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र था। यहीं से राजस्थान और दूसरे राज्यों के छात्रों तक क्वेश्चन बैंक पहुंचा। सीबीआई को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले हैं। इसी वजह से अभी यह पता लगाना मुश्किल है कि पेपर कितने लोगों तक पहुंचा।
कैसे बिका पेपर?
पुणे से शुरुआत: मुख्य आरोपी मनीषा गुरनाथ मंधारे (बॉटनी प्रोफेसर, पुणे) ने पेपर लीक किया। उन्हें NTA ने पेपर के क्षेत्रीय भाषा में अनुवाद के लिए रखा था।
ब्यूटी पार्लर से कनेक्शन: मनीषा वाघमारे (ब्यूटी पार्लर संचालिका) ने अपने पार्लर के ग्राहकों के जरिए पेपर बेचा। उन्होंने पिछले अनुभव से खुद को एजेंट बना लिया था।
नासिक: आयुर्वेद डॉक्टर धनंजय लोखंडे ने पेपर शुभम खैरनार (नासिक के करियर काउंसलर) को ₹10 लाख में बेचा।
गुरुग्राम: शुभम खैरनार ने यह पेपर यश यादव (गुरुग्राम) को ₹15 लाख में बेच दिया।
राजस्थान: यश यादव से पेपर राजस्थान के जमवारामगढ़ पहुंचा, जहां मांगीलाल और दिनेश बिंवाल नामक दो भाइयों ने इसे खरीदा।
अब तक 11 गिरफ्तार
CBI ने अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे ज्यादा 7 गिरफ्तारियां महाराष्ट्र से हुई हैं, जबकि 3 राजस्थान से और 1 हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है।
ब्लैंक चेक और मार्कशीट लेकर बनाई मजबूत डील
जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि पेपर खरीदने वालों ने पैसा एडवांस में नहीं दिया। टोकन मनी लेने के बाद, गिरोह ने परिजनों से साइन किए हुए ब्लैंक चेक और छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीट व सर्टिफिकेट अपने पास रख लिए। डील तय थी कि आंसर-की आने के बाद साबित होगा कि पेपर सही है, तब बाकी भुगतान किया जाएगा।
लेकिन परीक्षा के बाद अफवाह फैल गई कि फिजिक्स के प्रश्न नहीं आए। इस पर ज्यादातर परिजनों ने बाकी पैसे देने से इनकार कर दिया।
सीकर के हॉस्टल मालिक से भंडाफोड़
इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ राजस्थान के सीकर से हुआ। वहां एक हॉस्टल मालिक के बेटे के पास लीक पेपर पहुंचा। हॉस्टल मालिक ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 8 मई की रात को SOG ने छापेमारी की और पूरा मामला खुल गया।
NEET परीक्षा रद्द, री-एग्जाम का फैसला
NEET-UG परीक्षा 3 मई को हुई थी। 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को री-एग्जाम का फैसला लिया गया है। अब CBI की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
CBI जांच के अनुसार नीट पेपर लीक का मुख्य केंद्र और सबसे ज्यादा बिक्री किस राज्य में हुई?
नीट पेपर लीक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र का पुणे शहर था और सबसे ज्यादा प्रश्नपत्रों की बिक्री महाराष्ट्र में ही हुई, जबकि राजस्थान इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के किस आंतरिक सदस्य को पेपर लीक का मुख्य स्रोत माना गया है?
पुणे में बॉटनी की प्रोफेसर मनीषा गुरनाथ मंधारे को मुख्य स्रोत माना गया है, जिन्हें एनटीए ने पेपर का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए विशेषज्ञ पैनल में शामिल किया था।
परीक्षा के बाद लीक माफिया और परिजनों के बीच पैसों को लेकर विवाद क्यों हुआ?
डील के अनुसार पूरे पेपर के सवाल मिलने पर भुगतान होना था, लेकिन परीक्षा के बाद यह अफवाह फैल गई कि फिजिक्स के प्रश्न लीक किए गए क्वेश्चन बैंक से मैच नहीं हुए, जिसके कारण परिजनों ने भुगतान रोक दिया।
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