अब सड़क पर नहीं भर सकेंगे चालान, 15 अगस्त से नए नियम लागू, जानें बदलाव

Jageshwar prasad | Aug 15, 2026, 17:22 IST
मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन, 15 अगस्त से प्रभावी
15 अगस्त 2026 से राजस्थान सहित देशभर में ट्रैफिक नियमों की कंपाउंडिंग व्यवस्था बदल गई है। 23 तरह के उल्लंघनों पर अब सड़क पर जुर्माना नहीं भरा जा सकेगा। कोर्ट के आदेश के बाद ही जुर्माना तय होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन, 15 अगस्त से प्रभावी।
  • वाहन चालक अब सड़क पर नहीं भर सकेंगे जुर्माना।
  • अब नियमों के उल्लंघनों पर चालान सीधे कोर्ट जाएगा।
  • अब कोर्ट के आदेश के बाद ही जुर्माना तय होगा।
  • पहली बार वायु-ध्वनि प्रदूषण पर चेतावनी, दोबारा में कार्रवाई।

15 अगस्त 2026 से ट्रैफिक नियमों की कंपाउंडिंग (मौके पर जुर्माना वसूलने) की व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा-200 में संशोधन किया है।



अब 23 तरह के ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए अधिकारी सड़क पर जुर्माना नहीं ले सकेंगे। वे केवल चालान बनाएंगे और मामला न्यायालय में भेज दिया जाएगा। जुर्माने की राशि और निस्तारण अब कोर्ट के आदेश के बाद ही होगा।



किन मामलों में बदली व्यवस्था?

नई व्यवस्था 23 प्रकार के उल्लंघनों पर लागू होगी। इनमें प्रमुख हैं:



हेलमेट नहीं पहनना



सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना



बिना बीमा वाहन चलाना



बिना परमिट या परमिट शर्तों का उल्लंघन



ओवरलोडिंग और निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री बैठाना



बिना रजिस्ट्रेशन या फिटनेस के वाहन चलाना



वाहन में अनधिकृत मॉडिफिकेशन



निषेध क्षेत्र में हॉर्न बजाना



मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल



क्या है नई प्रक्रिया?

अब तक ट्रैफिक पुलिस कई मामलों में मौके पर ही चालान काटकर जुर्माना वसूल लेती थी और मामला खत्म हो जाता था।



नई व्यवस्था में अधिकारी केवल चालान बनाएंगे। यह प्रकरण न्यायालय में भेजा जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद ही संबंधित व्यक्ति को जुर्माना जमा करना होगा।



पहली बार में चेतावनी

नियमों में पहली बार उल्लंघन करने वालों को राहत भी दी गई है। वायु और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर सिर्फ चेतावनी दी जाएगी।



बिना रजिस्ट्रेशन और बिना फिटनेस वाले वाहनों के लिए भी पहली बार चेतावनी का प्रावधान है। दोबारा उल्लंघन होने पर ही मामला कोर्ट के जरिए निस्तारित होगा।



क्या होगा इसका असर?

इस बदलाव से वाहन चालकों को अधिक सतर्क रहना होगा। मौके पर जुर्माना भरकर मामला खत्म करने की सुविधा खत्म हो गई है। अब चालान कटने के बाद उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा, जिसमें समय भी लग सकता है। हालांकि, पहली बार के उल्लंघनों में चेतावनी का प्रावधान एक राहत है।



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