निकाय चुनाव में रिश्तेदार ही बने एक दूसरे के प्रतिद्वंदी, कभी थे एक-दूजे के साथ
समझें क्या है पूरा मामला
- नागौर निकाय चुनाव में रिश्तेदार आमने-सामने।
- कुचेरा में चाचा-भतीजे की सियासी जंग।
- नागौर परिषद में मामा-भांजे के बीच मुकाबला।
- टिकट से पहले ही गर्म हुआ चुनावी माहौल।
- 9 निकायों में होगा राजनीतिक घमासान।
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर नागौर जिले में सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। टिकट वितरण होने से पहले ही कई निकायों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। खास बात यह है कि कहीं चाचा-भतीजा तो कहीं मामा-भांजा परिवार एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। जो रिश्तेदार कभी साथ मिलकर चुनावी राजनीति करते थे, वे अब एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।
कुचेरा में चाचा-भतीजे की सियासी जंग
नागौर जिले की कुचेरा नगर पालिका में इस बार मुकाबला चाचा-भतीजे के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई जैसा दिखाई दे रहा है। चाचा रिछपाल मिर्धा भाजपा की कमान संभाल रहे हैं, जबकि भतीजे तेजपाल मिर्धा कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभाले हुए हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने खेमे को मजबूत करने में जुटे हैं। रिछपाल मिर्धा इस बार भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए जोर लगा रहे हैं, वहीं तेजपाल मिर्धा अपनी राजनीतिक जमीन और पालिकाध्यक्ष पद पर पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
पहले साथ लड़ा चुनाव, अब अलग-अलग खेमे में
इससे पहले दोनों चाचा-भतीजा दो बार साथ मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों ही मौकों पर तेजपाल मिर्धा पालिकाध्यक्ष बने थे। लेकिन इस बार राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। रिछपाल मिर्धा के भाजपा में आने के बाद दोनों अलग-अलग खेमों में खड़े हो गए हैं। ऐसे में कुचेरा का चुनाव अब रिश्तेदारी के साथ-साथ राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भी बन गया है। इस मुकाबले में आरएलपी (RLP – Rashtriya Loktantrik Party) भी अपना प्रभाव दिखाने के लिए सक्रिय है।
नागौर परिषद में मामा-भांजा परिवार भी आमने-सामने
नागौर नगर परिषद में भी रिश्तों के बीच सियासी खींचतान देखने को मिल रही है। यहां मामा मांगीलाल भाटी और भांजे प्रवीण सोलंकी व अखिलेश सोलंकी के परिवार आमने-सामने बताए जा रहे हैं। कृपाराम सोलंकी के निधन के बाद उनके साले मांगीलाल भाटी को छह महीने के लिए सभापति बनाया गया था।
सभापति बनने के बाद बढ़ी खींचतान
सभापति बनने के बाद दोनों परिवारों के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए थे और पिछले चुनाव में भी दोनों परिवार आमने-सामने रहे थे। इस बार भी दोनों परिवारों के आमने-सामने रहने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि भाटी परिवार के सामने सोलंकी परिवार की एक महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है, हालांकि अभी तक किसी भी दल ने आधिकारिक तौर पर टिकट की घोषणा नहीं की है। फिलहाल संभावित प्रत्याशियों को लेकर सिर्फ चर्चाओं का बाजार गर्म है।
आज नामांकन का अंतिम दिन
नगरीय निकाय चुनाव में वार्ड पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल करने का सोमवार को अंतिम दिन है। इच्छुक अभ्यर्थी दोपहर 3 बजे तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन प्रस्तुत कर सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया के इस अंतिम चरण में सैकड़ों आवेदन आने की संभावना जताई जा रही है।
जिले के 9 निकायों में चुनाव, 4 में पहली बार
नागौर जिले के कुल 9 नगर निकायों में चुनाव होने हैं। इनमें से 4 निकाय ऐसे हैं, जहां पहली बार नगर निकाय चुनाव हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में अब तक मतदाता सीधे सरपंच का चुनाव करते थे, लेकिन अब नगर निकाय बनने के बाद यहां वार्ड पार्षद चुने जाएंगे और यही निर्वाचित पार्षद आगे चलकर पालिकाध्यक्ष का चुनाव करेंगे।
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