भाजपा नेता के खिलाफ FIR से बवाल; पालिका आयुक्त को चेंबर में घुसकर सबक सिखाने की दी धमकी

Jageshwar prasad | May 11, 2026, 13:41 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के निम्बाहेड़ा नगर पालिका आयुक्त ने पूर्व भाजपा पार्षद मयंक अग्रवाल के खिलाफ कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई है। आयुक्त का आरोप है कि नेता ने उन्हें चेंबर में आकर सबक सिखाने की धमकी दी। पुलिस BNS की गंभीर धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है।

News In Short

  • चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा नगर पालिका आयुक्त ने भाजपा नेता पर राजकार्य में बाधा का केस दर्ज कराया।
  • आयुक्त का आरोप है कि पूर्व पार्षद मयंक अग्रवाल ने इंटरनेट कॉल के जरिए डराया ।
  • पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 351 और 121 के तहत मामला दर्ज किया।
  • नगर पालिका बोर्ड भंग होने के बाद से प्रशासन और नेताओं में टकराव बढ़ा है।
  • आयुक्त ने साक्ष्य के तौर पर कॉल स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे और अपनी सुरक्षा की मांग की है।

News In Detail

Chittorgarh: राजस्थान के निम्बाहेड़ा में नगर पालिका बोर्ड भंग होने के बाद अब प्रशासन और सत्ताधारी दल के नेताओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। निम्बाहेड़ा नगर पालिका के आयुक्त कौशल कुमार खटुम्बरा ने पूर्व भाजपा पार्षद मयंक अग्रवाल के खिलाफ कोतवाली थाने में राजकार्य में बाधा डालने और डराने-धमकाने का मुकदमा दर्ज कराया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने प्रशासनिक गलियारों और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।



इंटरनेट कॉल के जरिए दी धमकी

आयुक्त कौशल कुमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि पूर्व पार्षद मयंक अग्रवाल ने देर रात उन्हें इंटरनेट कॉल के जरिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि भाजपा नेता ने आयुक्त को उनके चेंबर में आकर सबक सिखाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।



BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

आयुक्त ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 351 और 121 के तहत मामला दर्ज करवाया है। ये धाराएं किसी लोक सेवक को उसके विधिक कर्तव्य पालन से रोकने, आपराधिक धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित हैं। चूंकि ये धाराएं गैर-जमानती श्रेणी में आती हैं, ऐसे में भाजपा नेता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।



बोर्ड भंग और प्रशासक शासन

निम्बाहेड़ा नगर पालिका का कार्यकाल पूरा होने के बाद वर्तमान में यहां कोई निर्वाचित बोर्ड नहीं है और पूरी कमान प्रशासक (उपखंड अधिकारी) के पास है। ऐसे में पूर्व पार्षदों और जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप कम होने से प्रशासनिक और राजनीतिक पक्षों के बीच पावर स्ट्रगल शुरू हो गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जनगणना और अन्य महत्वपूर्ण राजकीय कार्य चल रहे हैं, और ऐसे में किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव या धमकी कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ती है।



साक्ष्य के तौर पर सौंपे स्क्रीनशॉट

पुलिस को दी गई शिकायत में आयुक्त ने व्हाट्सएप मैसेज और कॉल लॉग्स के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं। उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि यदि भविष्य में उनके या पालिका के किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके लिए मयंक अग्रवाल सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और जल्द ही मयंक अग्रवाल को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।




ये भी पढ़ें:-

कोटा में नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला, लापरवाही से अब तक 4 प्रसूताओं की मौत



NEET 2026: 30 हजार में बिका गैस पेपर; केरल से सीकर तक जुड़ा नेटवर्क



दुर्लभ कैरेकल कैट को बचाने की अनूठी पहल; जैसलमेर में बनेगा प्रदेश का पहला 'गोट बैंक'



पूर्व RPSC मेंबर कटारा चौथी बार गिरफ्तार; 60 लाख में बेचा था कृषि विज्ञान व्याख्याता का पेपर



Tags:
  • नगर पालिका
  • चित्तौड़गढ़
  • सरकारी कार्य में बाधा
  • पूर्व भाजपा पार्षद मयंक अग्रवाल
  • निम्बाहेड़ा नगर पालिका