निकाय चुनावों के नतीजों पर मंथन, नितिन नवीन ने सांसद-विधायकों को दिया नया टास्क
समझें क्या है पूरा मामला
- भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मुख्यमंत्री आवास में अहम बैठक।
- मुख्यमंत्री आवास पर सांसदों, विधायकों और संगठन के नेताओं से की बात।
- निकाय चुनाव के नतीजों की समीक्षा के साथ ही पंचायत चुनाव की रणनीति पर चर्चा।
- नितिन नवीन ने नेताओं को अभी से ही पंचायत चुनाव के लिए मैदान पकड़ने के दिए निर्देश।
जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद भाजपा ने अब पंचायत चुनाव की तैयारी तेज कर दी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आधिकारिक आवास पर सांसदों, विधायकों और संगठन के नेताओं के साथ करीब डेढ़ घंटे बैठक की। इसमें निकाय चुनाव के नतीजों की समीक्षा के साथ पंचायत चुनाव की रणनीति पर खुलकर बात हुई।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को साफ संदेश दिया कि उनकी सक्रियता सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। लगातार जनता के बीच रहें और पंचायत चुनाव में नगरीय निकाय से भी बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ अभी से मैदान पकड़ लें।
नितिन नवीन की CM आवास में पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया, सह प्रभारी कविता पाटीदार और कुलजीत चहल, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सांसदों, विधायकों, संभाग प्रभारियों-सह प्रभारियों और पंचायत चुनाव से जुड़े नेताओं ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
नवीन का संदेश- चुनाव खत्म, जनता से संपर्क खत्म नहीं होना चाहिए
सांसदों, विधायकों और संगठन के नेताओं के साथ सीएम आवास पर हुई बैठक में नितिन नवीन का सबसे ज्यादा जोर जनप्रतिनिधियों के जनता से सीधे जुड़ाव पर रहा। उन्होंने सांसदों और विधायकों से दो टूक कहा कि चुनाव के वक्त ही क्षेत्र में सक्रिय रहने का तरीका बदलना होगा। आम दिनों में भी लोगों के बीच जाएं, उनकी परेशानियां सुनें और गरीबों से जुड़ी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं।
मंत्री जोगाराम बोले- अध्यक्ष ने जनता के बीच एक्टिव रहने का कहा
राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बैठक के बाद भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नेताओं को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने को कहा। पार्टी ने निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अब लक्ष्य पंचायत चुनाव में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करने का है।
यानी पार्टी निकाय चुनाव के नतीजों को अंतिम पड़ाव मानने के बजाय पंचायत चुनाव की तैयारी का आधार बना रही। शहरों में चुनाव खत्म होने के साथ ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को अब गांवों में सक्रिय होने का संदेश दिया गया।
इसी इरादे से दादिया में भी एक कार्यक्रम रखा गया था और भाजपा का फोकस निकाय चुनाव की गलतियों को पंचायत चुनाव में नहीं दोहराने पर है। इसलिए विधायकों, सांसदों को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का संदेश पार्टी अध्यक्ष की तरफ से दिया गया है।
जहां प्रदर्शन कमजोर, वहां पंचायत से पहले कमियां दूर होंगी
बैठक में केवल निकाय चुनाव में मिली सफलता की चर्चा नहीं हुई। उन क्षेत्रों के नतीजों पर भी बात हुई, जहां पार्टी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई।जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला करीब रहा। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अपने वार्ड में भी भाजपा को हार मिली। हालांकि बाद में पार्टी यहां अपना महापौर बनाने में सफल रही।
बीकानेर में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया और नवीन कल्ला महापौर बने। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह जिले झालावाड़ में भी नतीजे मिले-जुले रहे। जिले के 8 निकायों में से 4 में कांग्रेस ने जीत हासिल की। इन नतीजों को देखते हुए पार्टी ने पंचायत चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने पर जोर दिया है।
सीएम के गृह जिले भरतपुर के नतीजों पर भी पार्टी की नजर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर नगर निगम में भी भाजपा अपने दम पर बहुमत तक नहीं पहुंची थी। यहां 65 वार्ड में 36 निर्दलीय जीते, जबकि भाजपा के खाते में 20 सीटें आईं। बाद में पार्टी अपना बोर्ड बनाने में सफल रही। निकाय चुनाव के ऐसे नतीजों के आधार पर संगठन अब उन इलाकों पर ज्यादा फोकस करना चाहता है, जहां पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा या बहुमत के लिए दूसरे पार्षदों का साथ लेना पड़ा।
हालांकि बैठक में कमजोर नतीजों को लेकर किसी नेता के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने नहीं आई। फिलहाल फोकस कमियों को दूर करने और पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर है।
सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर
बैठक में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर भी बात हुई। नेताओं को स्थानीय कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहने और जनता के साथ सादगी से संवाद करने का संदेश दिया गया। इसके साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी गांव-ढाणी तक पहुंचाने को कहा गया। पार्टी की कोशिश है कि पंचायत चुनाव से पहले जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी ग्रामीण इलाकों में लगातार सक्रिय रहें।
पूर्व मंत्री सैनी बोले- पंचायत चुनाव में भी अच्छा करेंगे
पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बैठक के बाद कहा कि निकाय चुनाव में पार्टी को अच्छी सफलता मिली है और अब पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी राजस्थान के पंचायत चुनाव में भी अच्छा प्रदर्शन करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। सैनी ने इसे विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर काम करना होगा।
निकाय के अनुभव से पंचायत चुनाव की तैयारी
राजस्थान भाजपा अब निकाय चुनाव के दौरान मिले अनुभव और फीडबैक को पंचायत चुनाव की रणनीति में इस्तेमाल करने की तैयारी में है। शहरों और गांवों की चुनावी परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए संगठन का जोर पंचायत और बूथ स्तर तक संपर्क बढ़ाने पर है।
नितिन नवीन की बैठक का संदेश भी इसी दिशा में रहा। जनप्रतिनिधियों को चुनाव खत्म होने के बाद भी अपने क्षेत्र में सक्रिय रहने, कमजोर इलाकों में संगठन की पकड़ मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।
निकाय चुनाव के बाद अब भाजपा का अगला फोकस पंचायत चुनाव पर है। पार्टी ने अपने सांसदों, विधायकों और संगठन के नेताओं को अभी से गांवों में सक्रिय होने का टास्क दे दिया है।
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