केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के पीए नितिन सांगवान बने अलवर डेयरी के चेयरमैन, साधा जातीय समीकरण
आखिरकार केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सहायक नितिन सांगवान सोमवार को अलवर सरस डेयरी से जुड़े जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के चेयरमैन चुने गए। इस निर्वाचन के साथ केंद्रीय मंत्री और अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने जाट समुदाय को साधा है। सांगवान के डायरेक्टर चुने जाने के बाद से माना जा रहा था कि वे ही अलवर डेयरी के चेयरमैन होंगे। उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ।
इससे पहले सुबह आईआईटियन सांगवान ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस चुनाव में कांग्रेस बैकफुट पर रही। उसने चुनाव में चेयरमैन पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। पर्चा भरने के तय समय 11 बजे तक अन्य कोई आवेदन जमा नहीं हुआ। निर्वाचन अधिकारी ने निर्धारित समय निकलने के बाद सांगवान को सरस डेयरी का चेयरमैन घोषित कर दिया।
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परदे के पीछे रहकर बिछाई गोटियां
सांगवान को जितवाने के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने रात-दिन एक कर दिया था। वे परदे के पीछे रहकर अपने पीए सांगवान की जीत के लिए गोटियां बिछाते रहे। यहां तक कि सांगवान के नामांकन के समय राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा, रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह और जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता ही उपस्थित दिखे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भूपेंद्र यादव को अलवर में आधार मजबूत करने के लिए जाट समुदाय का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा था। सांगवान को डेयरी अध्यक्ष बनवाकर एक तरह से यादव ने कई राजनीतिक समीकरण साधे हैं।
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सांगवान से साधे कई सियासी समीकरण
अलवर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के पास अभी बड़े जाट नेता के रूप में जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर और पार्टी के जिलाध्यक्ष महासिंह ही हैं। बताया जाता है कि यादव इन दोनों नेताओं की परफॉर्मेंस से संतुष्ट नहीं हैं। खैरथल-तिजारा जिले का नाम भर्तृहरि नगर रखने के विरोध में चल रहे आंदोलन में दोनों नेताओं पर जमीनों में दलाली जैसे बड़े गंभीर आरोप लगे हैं।
ललित यादव को घेरने की रणनीति
बताया जाता है कि यादव को लोकसभा चुनाव में जाट समुदाय का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला था। अलवर लोकसभा क्षेत्र में जाट समुदाय के सवा से डेढ़ लाख वोटर हैं। जानकारों का कहना है कि भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए सांगवान को आगे बढ़ाना अच्छा कदम हो सकता है। भविष्य में सांगवान को मुंडावर से कांग्रेस विधायक ललित यादवके खिलाफ चेहरे के रूप में पेश कर सकते हैं। मुंडावर ऐसी विधानसभा सीट हैं, जहां यादव और जाट समुदाय के मतदाताओं की संख्या ठीक-ठाक है।
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सांगवान बोले-जीरो टॉलरेंस पर करेंगे काम
निर्वाचित घोषित होने के बाद आईआईटियन नितिन सांगवानने अलवर डेयरी में चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरस डेयरी को आधुनिक बनाने का उनका लक्ष्य है। वे अपनी पढ़ाई का सदुपयोग डेयरी को मजबूत करने में करेंगे। उन्होंने कहा कि चार पांच बिंदु हैं, जिन पर डेयरी में कार्य किया जाएगा।
गांवों में दुग्ध समितियां खोलने के प्रयास होंगे। बिगड़ी छवि को सुधारा जाएगा। भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी। पशुपालकों की आय को बढ़ाया जाएगा। डेयरी का प्रभार संभालने से पहले 2021 से 2025 तक सांगवान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के अतिरिक्त निजी सचिव रहे हैं। वे कानपुर आईआईटी के 2018 बैच के आईआईटियन हैं। उनके पिता सेवानिवृत्त सैनिक हैं। उनके दादा भी सेना में रहे हैं।
FAQ
- 1. नितिन सांगवान को अलवर डेयरी का चेयरमैन क्यों चुना गया?
नितिन सांगवान को भूपेंद्र यादव की रणनीति के तहत अलवर डेयरी का चेयरमैन चुना गया। उनका चुनाव जाट समुदाय से समर्थन जुटाने और पार्टी के राजनीतिक समीकरणों को सुधारने का कदम था। - 2. सांगवान ने अपनी जिम्मेदारी संभालने के बाद क्या योजना बनाई है?
सांगवान ने डेयरी को आधुनिक बनाने, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाने और गांवों में दुग्ध समितियां स्थापित करने की योजना बनाई है। - 3. सांगवान का शैक्षिक और पेशेवर पृष्ठभूमि क्या है?
नितिन सांगवान आईआईटी कानपुर के 2018 बैच के छात्र हैं और वे 2021 से 2025 तक केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के अतिरिक्त निजी सचिव रहे हैं।