चार बार विधायक रहे नवनीत लाल निनामा ने दुनिया से कहा अलविदा, 87 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
News In Short
- भाजपा के आदिवासी समाज के प्रमुख नेता नवनीत लाल निनामा का 87 वर्ष की आयु में हुआ निधन।
- निनामा का अंतिम संस्कार 24 अप्रैल 2026 को उनके पैतृक गांव गननावट में किया गया।
- 1963 से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय निनामा ने गरीबों और आदिवासी समाज के लिए की कई पहल ।
- वे राजस्थान आदिवासी संघ के अध्यक्ष के रूप में आदिवासी समाज की आवाज को करते रहे बुलंद।
- निनामा का दिया हुआ योगदान राजनीति और समाज में हमेशा याद रखा जाएगा।
News In Detail
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और आदिवासी समाज के प्रमुख नेता नवनीत लाल निनामा का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही बांसवाड़ा जिले में शोक की लहर दौड़ गई। निनामा लंबे समय से अस्वस्थ थे और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
जीवन की अंतिम यात्रा
नवनीत लाल निनामा की शवयात्रा 24 अप्रैल 2026 बुधवार को उनके पैतृक गांव गननावट में निकली गई । इस अंतिम यात्रा में भाजपा के कई नेता और आदिवासी समाज के हजारों लोग शामिल हुए। उनका निधन समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।
नवनीत लाल निनामा का राजनीतिक सफर
नवनीत लाल निनामा ने 1963 में सार्वजनिक जीवन में कदम रखा था और उन्हें बांसवाड़ा जिले में पहले जनसंघ (Janata Party) से और फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव लड़े और जीते। उन्होंने जनसंघ और भाजपा को बांसवाड़ा से पार्टी को मजबूत करने में अहम् भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल राजनीति में योगदान दिया, बल्कि आदिवासी समाज की आवाज भी उठाई।
निनामा की समाज सेवा और संघर्ष
निनामा ने 1963 में अपने करियर की शुरुआत पंचायत पडौली गोर्धन, तहसील घाटोल के सचिव के रूप में की थी। यहां से उन्होंने गरीबों के हक की लड़ाई शुरू की और राजनीति के शीर्ष तक पहुंचे। लोकतंत्र की रक्षा के लिए उन्होंने जनवरी 1976 से जुलाई 1977 तक मीसा के तहत जेल में भी गए। उन्होंने अपने जीवनकाल में घाटोल की 50 बेटियों का कन्यादान किया और लगभग 100 निर्धन विद्यार्थियों की शिक्षा का जिम्मा भी उठाया।
आदिवासी समाज के लिए उनका योगदान
नवनीत लाल निनामा केवल एक राजनीतिक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि आदिवासी समाज के प्रमुख नेता भी थे। उन्होंने पिछले 45 वर्षों से आदिवासी समाज की आर्थिक और धार्मिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किया। 1979 से 1990 तक उन्होंने राजस्थान आदिवासी संघ के अध्यक्ष के रूप में आदिवासियों की आवाज को जयपुर और दिल्ली तक पहुंचाया।
राजनीतिक कद: एक नजर में
नवनीत निनामा का राजनीतिक कद बहुत बड़ा था। उन्होंने 1985 में पहली बार घाटोल विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक का पद हासिल किया। इसके बाद उन्होंने 1990, 2003 और 2013 में भी भाजपा से चुनाव जीतकर विधायक के रूप में कार्य किया।
1968 से 1975 तक: जनसंघ पार्टी, बांसवाड़ा के जिला अध्यक्ष
1977 से 1998 तक: भारतीय जनता पार्टी, बांसवाड़ा के जिला अध्यक्ष (विभिन्न कार्यकाल)
2001 में: मण्डल अध्यक्ष, भाजपा घाटोल और प्रदेश उपाध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति मोर्चा
2011 में: जिला अध्यक्ष, जनजाति मोर्चा, भाजपा, बांसवाड़ा
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