OBC सर्वे पूरा होने तक रिलीव नहीं होंगे कार्मिक, आयोग ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
समझें क्या है पूरा मामला
राजस्थान में ओबीसी सर्वे में लगे कर्मचारियों के तबादलों में पेंच फंसा।
सर्वे में लगे कर्मचारी तबादला होने के बावजूद रिलीव नहीं हो सकेंगे।
राज्य ओबीसी आयोग ने इस बारे में प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी।
आयोग ने कहा, सर्वे पूरा होने तक स्थानांतरित कर्मियों को रिलीव नहीं किया जाए।
रिलीव करने से सर्वे में होगी देरी, यह सर्वे निकाय चुनावों के लिए हो रहा है।
जयपुर। राजस्थान में कुछ कर्मचारी तबादला होने के बावजूद रिलीव नहीं हो सकेंगे। यह स्थिति पंचायत और निकाय चुनावों के लिए हो रहे ओबीसी सर्वे को देखते हुए आई है।
राजस्थान ओबीसी (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने मुख्य सचिव से कहा है कि सर्वे में लगे जिन कर्मचारियों का तबादला हुआ है, उन्हें ओबीसी सर्वे होने तक रिलीव नहीं किया जाए।
आयोग ने यह कदम सर्वे कार्य को समय पर पूरा करने के लिए राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने उठाया है। आयोग ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि वे इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी करें।
क्या है पूरा मामला?
हाई कोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव कराने के लिए 31 जुलाई डेडलाइन तय की है। हालांकि, इस अवधि में चुनाव कराना असंभव दिख रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने भी सरकार से कहा कि उसके पास आरक्षित सीटों की जानकारी आने के बाद भी 90 दिन का समय लगेगा। ओबीसी आरक्षण का मामला लंबा समय से पेंडिंग चल रहा है। ओबीसी आयोग ने अब इस मामले में सर्वे की पहल शुरू की है।
वर्तमान में प्रदेश में चुनाव के लिए ओबीसी सर्वे चल रहा है। इसमें नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति या प्रगणक लगे हुए हैं। दूसरी ओर, प्रदेश में तबादला सीजन भी चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सर्वेक्षण
आयोग की ओर से जारी पत्र में बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालन में राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।
इन आंकड़ों के आधार पर ही स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण की अनुशंसा रिपोर्ट तैयार की जानी है।
जिला कलेक्टर्स द्वारा इस कार्य के लिए विशेष रूप से नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों, संदर्भ व्यक्तियों और प्रगणकों की नियुक्तियां की गई हैं।
10 जुलाई से 23 जुलाई तक होगा सर्वे
पत्र में कहा गया है कि 7 जुलाई 2026 को नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इसके बाद 8 और 9 जुलाई को संदर्भ व्यक्तियों द्वारा प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तुरंत बाद 10 जुलाई से 23 जुलाई तक ओबीसी परिवारों का घर-घर जाकर गहन सर्वे कार्य किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
तबादलों के कारण सर्वे कार्य प्रभावित होने की आशंका
राज्य सरकार द्वारा 19 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक की अवधि के लिए तबादलों से बैन हटाया है। इस आदेश के तहत विभिन्न विभागों द्वारा बड़े पैमाने पर कार्मिकों के स्थानांतरण किए जा रहे हैं।
पत्र के अनुसार इनमें कई ऐसे अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं जो वर्तमान में इस महत्वपूर्ण सर्वे कार्य में लगे हुए हैं। यदि सर्वे कार्य हेतु नियुक्त कार्मिकों को तबादला होने पर कार्यमुक्त किया जाता है तो सर्वेक्षण कार्य में बाधा आएगी।
ऐसी स्थिति में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सर्वे का कार्य पूर्ण होना संभव नहीं हो पाएगा। इससे स्थानीय निकायों के चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय कर समय पर रिपोर्ट देने में देरी होगी।
ओबीसी आयोग ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
ओबीसी आयोग ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में लिखा है - सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटाया है, इस दौरान कई विभाागों में तबादले हो रहे हैं, इनमें सर्वे के काम में शामिल अफसर-कर्मचारी भी शामिल हैं।
सर्वे के काम में लगे कर्मचारियों को मौजूदा जगह से रिलीव कर तबादला वाली नई जगह लगाया जाता है तो सर्वे के काम में बाधा आने की संभावना है। ऐसा होने से सर्वे का काम समय पर पूरा नहीं हो पाएगा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में बेवजह की देरी होगी।
आयोग ने सरकार से कहा है कि वह सर्वे में लगे हुए अफसर कर्मचारियों को सर्वे का काम पूरा होने तक तबादला होने के बाद रिलीव नहीं करे। इसके लिए सरकार से सभी कलेक्टर्स को आदेश जारी करने का आग्रह किया है।
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