भजनलाल ने OSD की पत्नी को उतारा चुनावी मैदान में, गहलोत ने नहीं दिया था टिकट

Ashish Bhardwaj | Sept 02, 2026, 17:47 IST
राजस्थान osd
राजस्थान में मुख्यमंत्री के OSD रहे लोकेश शर्मा और आनंद शर्मा को लेकर सोशल मीडिया पर तुलना वाली पोस्ट वायरल है। मामला जयपुर नगर निगम चुनाव में आनंद शर्मा की पत्नी को भाजपा टिकट मिलने के बाद चर्चा में आया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान में OSD की भूमिका को लेकर बहस शुरू हुई है।
  • दो मुख्यमंत्री के OSD रहे नेताओं की तुलना हो रही है।
  • वायरल पोस्ट में लोकेश और आनंद शर्मा का जिक्र है।
  • मामला जयपुर नगर निगम चुनाव से जुड़ा हुआ है।

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा कि गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा 2023 में विधानसभा चुनाव का टिकट मांगते रहे गए थे, जबकि भजनलाल शर्मा के ओएसडी आनंद शर्मा अपनी पत्नी के लिए जयपुर नगर निगम चुनाव में पार्षद का टिकट हासिल करने में कामयाब रहे। हालांकि, दोनों मामलों की सियासी पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग है।



लोकेश शर्मा ने 2023 में मांगा था विधानसभा का टिकट

लोकेश शर्मा 2018 में अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके ओएसडी नियुक्त हुए थे। इससे पहले वह गहलोत के सोशल मीडिया से जुड़े काम भी देखते थे। इसके अलावा वो एनएसयूआई में भी रहे थे। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले लोकेश शर्मा ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने के लिए टिकट की दावेदारी की थी। उन्होंने बीकानेर वेस्ट और बाद में भीलवाड़ा सीट से टिकट मांगा था।



अक्टूबर 2023 में लोकेश शर्मा अपने समर्थकों के साथ जयपुर में मुख्यमंत्री आवास भी पहुंचे थे। समर्थकों ने भीलवाड़ा से उन्हें टिकट देने की मांग की थी। इसके बावजूद कांग्रेस की जारी उम्मीदवार सूचियों में लोकेश शर्मा का नाम नहीं आया था और वो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सके थे। चुनाव के बाद लोकेश शर्मा और अशोक गहलोत के बीच राजनीतिक मतभेद भी खुलकर सामने आए थे।



फोन टैपिंग मामले में भी विवादों में रहे थे लोकेश शर्मा

राजस्थान में 2020 में सियासी संकट सामने आया था। सचिन पायलट की बगावत के दौरान राजस्थान में कांग्रेस सरकार संकट में आ गई थी। इसी दौरान कुछ कथित ऑडियो क्लिप सामने आई थीं, जिनमें विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर बातचीत का दावा किया गया था।



इन ऑडियो क्लिप को सार्वजनिक करने के मामले में लोकेश शर्मा का नाम भी सामने आया था। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 2021 में लोकेश शर्मा और अन्य के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था। बाद में लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया था कि 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान फोन टैपिंग तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर हुई थी। हालांकि, गहलोत की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया था। बाद में उन्हें सरकारी गवाह बनने की अनुमति मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी।



भजनलाल के OSD आनंद शर्मा की पत्नी को मिला टिकट

अब मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ओएसडी आनंद शर्मा का मामला चर्चा में है। भाजपा ने जयपुर नगर निगम चुनाव में उनकी पत्नी प्रतिभा शर्मा को वार्ड नंबर 87 से प्रत्याशी बनाया है।



आनंद शर्मा लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्हें फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। इससे पहले भी वह भाजपा संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। प्रतिभा शर्मा ने जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड 87 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है।



सोशल मीडिया पर क्यों हो रही दोनों की तुलना?

प्रतिभा शर्मा को भाजपा का टिकट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर लोकेश शर्मा और आनंद शर्मा की तुलना शुरू हुई है। वायरल पोस्ट में कहा जा रहा है कि एक मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा खुद विधानसभा का टिकट हासिल नहीं कर पाए, जबकि दूसरे मुख्यमंत्री के ओएसडी आनंद शर्मा अपनी पत्नी को नगर निगम चुनाव में पार्षद का टिकट दिलाने में सफल रहे।



मुख्यमंत्री के नजदीक होना टिकट की गारंटी नहीं है,लेकिन सत्ता और संगठन के बीच मजबूत राजनीतिक नेटवर्क किसी नेता या उसके परिवार के चुनावी सफर को जरूर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान की मौजूदा निकाय राजनीति में आनंद शर्मा की पत्नी को मिला टिकट इसी बहस को फिर सामने ले आया।



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