लोकार्पण से एक दिन पहले रिफाइनरी में भीषण आग, पीएम मोदी का कार्यक्रम स्थगित
News In Short
- पचपदरा रिफाइनरी में उद्घाटन से पहले लगी आग, अधिकारियों में हड़कंप।
- सीडीयू और वीडीयू यूनिट में लगी आग पर दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू।
- जिन यूनिटों में आग लगी, उन्हीं का पीएम मोदी को करना था लोकार्पण।
- पीएम मोदी को रिफाइनरी लोकार्पण के लिए 21 अप्रैल को था आना।
- रिफाइनरी में आग की घटना को देखते हुए मोदी का कार्यक्रम स्थगित।
News In Detail
Balotra: राजस्थान के बालोतरा जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पचपदरा स्थित देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी में सोमवार को अचानक भीषण आग भड़क उठी। यह हादसा उस वक्त हुआ है, जब महज 24 घंटे बाद यानी 21 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण करने वाले थे।
यह आग रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) में लगी। रिफाइनरी सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी को इन्हीं यूनिटों का उद्घाटन करना था। सूत्रों ने बताया कि मोदी का कार्यक्रम स्थगित हो गया है।
सीडीयू और वीडीयू यूनिट में धधकी ज्वाला
जानकारी के अनुसार रिफाइनरी की सीड्यूयू और वीडीयू यूनिट में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। काले धुएं के गुबार कई किलोमीटर दूर से देखे जाने लगे। करीब दो घंटे तक आग की लपटें उठती रहीं।
प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए फायर बिग्रेड कीकरीब 20 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा। आग बुझाने के प्रयास युद्ध स्तर किए गए। दावा किया जा रहा है कि दो घंटे के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि रिफाइनरी को काफी बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।
लोकार्पण की चल रही थी भव्य तैयारियां
गौरतलब है कि रिफाइनरी परिसर में प्रधानमंत्री के स्वागत और लोकार्पण समारोह की व्यापक तैयारियां चल रही थीं। कार्यक्रम के अनुसार रिफाइनरी के उद्घाटन के साथ ही करीब एक किलोमीटर दूर पीएम मोदी की एक विशाल जनसभा भी प्रस्तावित है, जिसमें दो लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीएम भजनलाल शर्मा को भी कुछ समय बाद पहुंचना था। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
37 हजार से 79 हजार करोड़ तक का सफर
पचपदरा रिफाइनरी का इतिहास राजनीति और बढ़ती लागत का गवाह रहा है:
2013: सोनिया गांधी ने 37,230 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ शिलान्यास किया।
2018: पीएम मोदी ने शर्तों में बदलाव के बाद 43,129 करोड़ की लागत पर फिर से कार्य का शुभारंभ किया।
2025: लागत में हुए ताजा संशोधन के बाद यह परियोजना अब 79,459 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
यह रिफाइनरी एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है, जो पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को बदलने का माद्दा रखती है।
बीएस-6 पर आधारित रिफाइनरी
यह देश की पहली ऐसी रिफाइनरी है जो बीएस-6 (BS-VI) मानकों पर आधारित है। यहाँ रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट को एक साथ एकीकृत किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता जीरो लिक्विड इफ्लूएंट डिस्चार्ज है। जिसका अर्थ है कि प्रसंस्करण के दौरान कोई भी तरल कचरा बाहर नहीं निकलेगा, जो इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाता है।
बड़े रोजगार अवसर की उम्मीद
रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन टन सालाना है। इसके शुरू होने से बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्रों में एक विशाल औद्योगिक क्लस्टर विकसित होगा। बालोतरा से पचपदरा तक 12 किमी लंबी नई रेल लाइन बिछाई जा रही है। रिफाइनरी के लिए 1.5 मिलियन टन कच्चा तेल स्थानीय स्तर पर उपयोग होगा, जबकि 7.5 मिलियन टन आयात किया जाएगा।
गहलोत ने आग को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
उधर, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की खबर सुनकर चिंता हुई। रिफाइनरी हम सब राजस्थानियों के लिए गर्व करने वाली परियोजना है। इसका कल उद्घाटन होना है। ऐसे समय यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इस घटना में सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं।
जूली बोले- यह सरकार की लापरवाही का परिणाम
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि सरकार की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। घटना की पूरी जांच होनी चाहिए।
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