सलमान के खिलाफ तीसरी बार जमानती वारंट, 6 अप्रैल तक पेश नहीं हुए जारी होंगे गिरफ्तारी वारंट
News In Short
- सलमान खान और पान मसाला कंपनी के निदेशकों पर भ्रामक विज्ञापन के मामले में जमानती वारंट जारी।
- जयपुर उपभोक्ता आयोग ने पुलिस टास्क फोर्स को सलमान खान को जमानती वारंट तामील कराने का आदेश दिया।
- यदि 6 अप्रैल तक सलमान खान और कंपनी निदेशक पेश नहीं होते, तो गिरफ्तारी वारंट जारी होगा।
- आयोग ने स्पष्ट किया कि सेलिब्रिटी का स्टेटस उन्हें कानून से ऊपर नहीं बनाता।
- पान मसाला के विज्ञापन में केसर के दावे को लेकर उपभोक्ता ने शिकायत की थी।
News In Detail
राजस्थान में पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में अभिनेता सलमान खान और पान मसाला कंपनी के दो निदेशकों के खिलाफ तीसरी बार जमानती वारंट जारी किया गया है। अब जमानती वारंट तामील कराने के लिए पुलिस की टास्क फोर्स बनाई जाएगी। जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने आदेश दिया कि इस मामले में सलमान को मुम्बई में जल्द जमानती वारंट तामील कराया जाए।
आयोग ने यह चेतावनी दी है कि यदि 6 अप्रैल को सलमान खान और पान मसाला कंपनी के निदेशक राकेश कुमार चौरसिया तथा दिनेश कुमार चौरसिया पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष जीएल मीणा और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल एवं अजय कुमार ने पुलिस महानिदेशक के माध्यम से जयपुर के पुलिस आयुक्त को भेजा है।
सेलिब्रिटी कानून से ऊपर नहीं होते
आयोग ने इस मामले में स्पष्ट रूप से कहा कि सेलिब्रिटी का स्टेटस किसी को भी कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता। उन्होंने कहा कि यदि जमानती वारंट तामील नहीं हो पाता है, तो यह कानून का मजाक बनाने जैसा होगा और उपभोक्ताओं का आयोगों से विश्वास भी डगमगाएगा।
यह था मामला
योगेन्द्र सिंह द्वारा प्रस्तुत परिवाद में पान मसाला के भ्रामक विज्ञापनों को लेकर शिकायत की गई थी। उनका कहना था कि उत्पाद में केसर का दावा किया जा रहा है, जबकि इस कीमत में केसर डालना संभव नहीं है। इसके बाद, उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए सलमान खान और पान मसाला कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
पहले भी बढ़ चुकी हैं सलमान खान की मुश्किलें
इससे पहले भी पान मसाला के भ्रामक विज्ञापनों के एक मामले में सलमान खान की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं। राज्य उपभोक्ता आयोग ने केंद्र और राज्य सरकार से भ्रामक विज्ञापनों के मामलों को केवल केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के दायरे से बाहर कर राज्य उपभोक्ता आयोगों के दायरे में लाने के लिए कानूनी संशोधन करने की सिफारिश की है।
राहत देने से किया इनकार
आयोग ने इस मामले में सलमान खान और पान मसाला कंपनी को राहत देने से मना कर दिया। याचिकाओं को खारिज करते हुए आयोग ने कहा कि भ्रामक विज्ञापनों के मामलों में केवल CCPA या इसके प्राधिकृत अधिकारी ही परिवाद पेश कर सकते हैं।
ये भी पढे़:-
जूली ने सरकार पर लगाए आरोप, बोले-जनता परेशान, सीएम दिल्ली दौरे में बिजी
आईएसआईएस का हैंडलर गिरफ्तार, युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का हैं आरोप
आरएमसी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा गिरफ्तार, एसओजी का बड़ा एक्शन
पंचायत चुनावों की देरी का दिख रहा असर, 1900 करोड़ की अटकी केंद्रीय मदद