पंचायत-निकाय चुनाव टालने की फिर गुहार, सरकार ने हाई कोर्ट में लगाई अर्जी
समझें क्या है पूरा मामला
- पंचायत व पालिका चुनाव के लिए कोर्ट से 31 जुलाई की डेडलाइन आगे बढ़ाने की गुहार।
- जन आधार के आंकड़ों में भारी विसंगतियों के कारण अब ऐप से हो रहा घर-घर सर्वे।
- ओबीसी आयोग 14 अगस्त तक सौंपेगा रिपोर्ट, सीटें तय करने में 31 अगस्त तक का समय चाहिए।
- अंतिम आरक्षण सूची मिलने के बाद पंचायत और पालिका चुनाव में लगेंगे कम से कम 90 दिन।
सरकार ने एक बार फिर राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव की समय समय बढ़ाने के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दायर की है।
सरकार ने अपनी अर्जी में कोर्ट से 31 जुलाई 2026 की समय सीमा आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने 22 मई को 15 अप्रैल की समय सीमा को बढ़ाकर सरकार को 31 जुलाई तक चुनावी प्रक्रिया पूरी करने को कहा था।
अब फिर मांगा है समय
दरअसल, गिरिराज सिंह देवंदा व अन्य के मामले में हाई कोर्ट ने 14 नवंबर, 2025 को सरकार को 15 अप्रैल, 2026 तक पंचायत व पालिका चुनाव करवाने के निर्देश दिए थे।
सरकार ने 15 अप्रैल तक चुनाव नहीं करवाए। इसके बाद उसने कोर्ट में समय सीमा बढ़ाने की गुहार की। कोर्ट ने 22 मई के आदेश से सरकार को 31 जुलाई तक चुनाव की समय सीमा दी।
अब सरकार का कहना है कि शहरी निकायों के लिए वार्डों के परिसीमन और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का काम पूरा हो गया है। लेकिन ओबीसी सीट तय करने के लिए अनिवार्य राजनीतिक आरक्षण लागू करने में देरी हो रही है।
घर-घर करवा रहे हैं सर्वे
सरकार का कहना है कि ओबीसी वर्ग को आनुभविक आंकड़ों (empirical data) के आधार पर आरक्षण देने के लिए ओबीसी आयोग गठित किया था। लेकिन, जन आधार प्राधिकरण के दिए आंकडों में भारी विसंगतियां थी।
इनमें कई नई पंचायतों में ओबीसी आबादी के आंकड़े या तो शून्य थे या अधूरे थे। इसलिए ओबीसी आयोग लगभग 50% आबादी वाले ओबीसी वर्ग का राजधरा सर्वे ऐप के जरिए घर-घर जाकर सर्वे करवा रहा है।
अगस्त 14 तक रिपोर्ट मिलेगी 31 तक होगा आरक्षण
राजस्थान सरकार ने अर्जी में कहा है कि राज्य ओबीसी आयोग ने सर्वेक्षण पूरा कर 14 अगस्त 2026 तक रिपोर्ट सौंपने का आश्चवासन दिया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार को एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग सहित विभिन्न श्रेणियों की सीटों का आरक्षण करने में 31 अगस्त तक समय लगेगा।
90 दिन लगेंगे चुनाव में
राज्य चुनाव आयोग ने भी सरकार को लिखित में कहा है कि अंतिम आरक्षण सूची मिलने के बाद चुनाव करवाने में कम से कम 90 दिन लगेंगे। प्रदेश में 14 हजार पंचायतों व 300 नगर पालिकाओं के चुनाव होने हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रामीण पंचायती राज चुनाव चार चरणों में करवाने होंगे। इसमें कम से कम 50 दिन लगेंगे। नगर पालिकाओं के चुनाव के दो चरणों में कम से कम 40 में पूरे होंगे।
मंगलवार को अवमानना याचिका पर सुनवाई
राजस्थान हाई कोर्ट पूर्व विधायक संयम लोढ़ा व गिरिराज सिंह देवंदा की अवमानना याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करेगा।
दोनों ने हाईकोर्ट के 22 मई,2026 के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने पर चुनाव आयुक्त व सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरु करने की गुहार की है।
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