पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने पर नाराजगी, गहलोत बोले-यह सरकार की विफलता

Mukesh Sharma | Apr 14, 2026, 15:07 IST
Share
ashham
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने इसे संवैधानिक ब्रेकडाउन बताते हुए राष्ट्रपति और राज्यपाल से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

News In Short

  • गहलोत ने कहा, राजस्थान में संवैधानिक ब्रेकडाउन के हालात।
  • संविधानिक संविधान की धज्जियाँ उड़ा रही सत्तासीन सरकार।
  • अदालती आदेश के बावजूद चुनाव न कराना लोकतांत्रिक विफलता।
  • राजस्थान में संवैधानिक संकट, राष्ट्रपति व राज्यपाल करें हस्तक्षेप।
  • निकाय और सहकारी चुनाव रोककर संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप।

News In Detail

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश में संवैधानिक तंत्र की विफलता जैसे हालात होने का दावा किया है। उन्होंने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव न कराए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

गहलोत ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान की आज धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जो लोग उनके उसूलों में विश्वास नहीं रखते, वे सत्ता में बैठकर केवल दिखावे के लिए उनकी जयंती मना रहे हैं।

लोकतंत्र हो रहा कमजोर

गहलोत ने राहुल गांधी के संविधान बचाओ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। न्यायपालिका से लेकर जांच एजेंसियों तक की स्थिति अजीब बन गई है।

उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत, नगर निकाय और सहकारी संस्थाओं के चुनाव संविधान का अभिन्न हिस्सा हैं। सरकार इन्हें जानबूझकर रोक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं को बर्बाद किया जा रहा है और सहकारी समितियों के चुनाव तो पिछले 10 साल से नहीं कराए गए हैं।

चुनाव नहीं कराना लोकतंत्र पर प्रहार

गहलोत के अनुसार यह केवल प्रशासनिक देरी नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट से अप्रैल की समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद चुनाव आयोजित नहीं किए गए, जो स्पष्ट रूप से न्यायिक आदेशों की अवहेलना है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पूरी स्थिति को संवैधानिक ब्रेकडाउन करार देते हुए राष्ट्रपति और राज्यपाल से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।

राज्यपाल को आना चाहिए एक्शन में

गहलोत ने कड़े लहजे में कहा कि जब संवैधानिक संस्थाओं और अदालतों के आदेशों को दरकिनार किया जा रहा हो, तो राज्यपाल को मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए।

उन्होंने सरकार की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जो सरकार समय पर चुनाव कराने जैसे अपने बुनियादी संवैधानिक दायित्वों को पूरा नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का क्या नैतिक अधिकार है।

उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है, जो लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।

ये भी पढे़:-

अब 11वीं में स्टूडेंट्स खुद चुनेंगे अपना फेवरेट सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन, CBSE की तर्ज पर शुरू हुई नई व्यवस्था, जानें कैसे मिलेगा फायदा

500 जानवरों की जान बचाने वाली उस जांबाज की कहानी, जिसने ठुकरा दी लाखों की रिश्वत

चंबल रिवरफ्रंट में ताजमहल-लाल किले की झलक, लेकिन घाटे का बन रहा सौदा, जानिए कौन है इसका जिम्मेदार

लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा का टाइम टेबल किया जारी, 3944 पदों पर होगी भर्ती

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • राहुल गांधी
  • अशोक गहलोत
  • डॉ. भीमराव अंबेडकर
  • भजनलाल सरकार
  • संविधान बचाओ अभियान
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब