पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज, दिल्ली-मुंबई ट्रैक एक घंटे रोकी ट्रेन
समझें क्या है पूरा मामला
- पांचना बांध से पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन 12वें दिन से जारी।
- किसानों ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर करीब एक घंटे तक जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
- आंदोलनकारियों ने पटरी पर बैठकर पंगत लगाई और सामूहिक भोजन कर विरोध जताया।
- प्रशासन की समझाइश के बाद ट्रैक खाली कराया गया, बाद में ट्रेन बिना रुके निकल गई।
- किसानों ने चेतावनी दी है कि पानी नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Jaipur: राजस्थान में गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसान महापड़ाव जारी रहा। इस दौरान अनिश्चितकालीन धरना 12 दिन से चल रहा है। मंगलवार 16 जून को यह आंदोलन उग्र हो गया।
किसानों ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को करीब एक घंटे तक जाम कर दिया। किसानों ने रेलवे पटरी पर बैठकर पंगत लगाई और सामूहिक भोजन किया। किसानों का कहना है कि राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। खरीफ बुवाई का समय नजदीक है, इंतजार की सीमा खत्म हो रही है।
ट्रैक पर पंगत बैठ जताया विरोध
मंगलवार को महस्वा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचे। बाद में किसान दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए।
रेलवे पटरी पर बैठकर सामूहिक रूप से पंगत लगाकर भोजन किया। आंदोलनकारियों ने किसान एकता के समर्थन में नारेबाजी की। कुछ युवा पटरी पर लेटकर भी विरोध जताते नजर आए। करीब एक घंटे तक रेलवे ट्रैक बाधित रहा।
प्रशासन ने की समझाइश
मौके पर पुलिस और प्रशासन पहले से तैनात था। लेकिन ग्रामीणों ने फाटक बंद नहीं होने दिया और प्रदर्शन जारी रखा।
करीब एक घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर समझाइश दी। ग्रामीण ट्रैक से हटकर धरना स्थल पर लौट गए। बाद में ट्रेन बिना रुके निकल गई।
सोमवार को अवध एक्सप्रेस रोकनी पड़ी थी
यह लगातार दूसरे दिन रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन हुआ। सोमवार को भी खंडीप रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा था। अवध एक्सप्रेस को बीच रास्ते में रोकना पड़ा था।
किसानों का आरोप यह है कि हाई कोर्ट ने नहरों में पानी छोड़ने के आदेश दिए हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं हो रहा। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है। यदि अभी पानी नहीं मिला तो इस सीजन की फसल खतरे में पड़ जाएगी।
किसानों ने चेतावनी दी है कि पांचना बांध से नहरों में पानी जल्द नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
रोज जुड़ रहे नए गांव, आंदोलन फैल रहा
किसान महापंचायत का दायरा लगातार बढ़ रहा है। प्रतिदिन नए गांवों के किसान इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं। किसानों ने राजस्थान सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। आंदोलन के 12 दिन बाद भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
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