राजस्थान के 472 सरकारी स्कूलों को 401 करोड़ की सौगात, बनेंगे नए भवन
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान के 472 सरकारी स्कूलों को बड़ी सौगात।
- भवन निर्माण और मरम्मत के लिए 401.03 करोड़ स्वीकृत।
- 261 प्राथमिक स्कूलों को 41-41 लाख, 128 स्कूलों को 65-65 लाख।
- कोटा संभाग के 126 स्कूल शामिल, झालावाड़ के 84 स्कूलों को बजट।
- जर्जर स्कूलों की सेफ्टी ऑडिट के बाद सरकार का बड़ा फैसला।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने 472 सरकारी स्कूलों में नए भवन निर्माण और मरम्मत के लिए 401.03 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की है।
इस बजट से स्कूलों में भवन के साथ-साथ फर्नीचर, लैब, स्मार्ट क्लास और बिजली-पानी की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
किस कैटेगरी को कितना बजट
स्वीकृत राशि के तहत 261 प्राथमिक स्कूलों को 41-41 लाख रुपए, 128 उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए 65-65 लाख रुपए और 83 उच्च माध्यमिक स्कूलों को 2.54-2.54 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है।
फर्नीचर, लैब और स्मार्ट क्लास भी इसी बजट में शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि लक्ष्य है कोई भी विद्यालय भवन विहीन नहीं रहे।
कोटा संभाग के 126 स्कूल शामिल
इस सूची में कोटा संभाग के 126 स्कूलों को बजट मिलेगा। इसमें झालावाड़ के 84, बारां के 27, बूंदी के 12 और कोटा के 3 स्कूल शामिल हैं। बारां के स्कूलों के लिए 41 लाख से 2.54 करोड़ तक की स्वीकृति दी गई है। कोटा के मंदानीय, गुंदी और मंडली स्कूल भी सूची में हैं।
झालावाड़ हादसे के बाद ऑडिट
यह फैसला जुलाई 2025 में झालावाड़ के पिपलोदी गांव में स्कूल भवन गिरने से 7 बच्चों की मौत के बाद कराए गए सेफ्टी ऑडिट के बाद आया है।
ऑडिट में प्रदेश में 3,768 स्कूल भवनों को जर्जर और असुरक्षित पाया गया था। पहले चरण में 300 स्कूलों के लिए 409 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, अब 472 स्कूलों के लिए 401.03 करोड़ और स्वीकृत किए गए हैं।
सरकार ने पहले ही स्कूल भवनों के लिए 3 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा समग्र शिक्षा अभियान के तहत 550 करोड़ मरम्मत और 450 करोड़ नए भवनों के लिए बजट में प्रावधान है। साथ ही DMFT, MLA-MP फंड, CSR से हर साल 2,500 करोड़ यानी 5 साल में 12,500 करोड़ का रोडमैप तैयार किया गया है।
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