राजस्थान में अग्निवीरों का सरकारी नौकरी का रास्ता आसान, पुलिस-जेल प्रहरी-वनरक्षक भर्ती में आरक्षण
समझें क्या है पूरा मामला
- अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुला
- पुलिस भर्ती में आरक्षण का ऐलान
- जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में भी मौका
- 10% आरक्षण को लेकर चर्चा तेज
- पहले बैच के अग्निवीरों पर रहेगी नजर
राजस्थान में सेना के अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान करने की दिशा में बड़ा फैसला पहले ही सामने आ चुका है। राज्य सरकार ने अग्निवीरों को राजस्थान पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक जैसी भर्तियों में आरक्षण देने की घोषणा की थी। यह घोषणा जुलाई 2024 में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की थी।
अब अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सेवा पूरी होने का समय नजदीक आने के साथ इस व्यवस्था को लेकर युवाओं की दिलचस्पी बढ़ी है। केंद्र सरकार के स्तर पर भी पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षा बलों की भर्तियों में आरक्षण, आयु सीमा में छूट और कुछ भर्ती चरणों से छूट जैसे प्रावधान लागू किए गए हैं।
पुलिस भर्ती में क्या व्यवस्था है?
राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर सामान्य कांस्टेबल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता और मेडिकल प्रक्रिया का उल्लेख है। सामान्य कांस्टेबल के लिए 12वीं पास योग्यता बताई गई है और भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा शामिल है।
इसलिए अग्निवीरों को बिना लिखित परीक्षा सीधी भर्ती मिलने की बात को फिलहाल सामान्य राजस्थान पुलिस भर्ती के मौजूदा नियम के रूप में नहीं माना जा सकता। अगर सरकार पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया लागू करती है, तो उसकी जानकारी संबंधित आधिकारिक विज्ञापन में दी जाएगी।
10% आरक्षण की क्या स्थिति है?
राजस्थान में अग्निवीरों को पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण देने की घोषणा 2024 में हुई थी। उस समय उपलब्ध रिपोर्टों में आरक्षण का प्रतिशत तुरंत स्पष्ट नहीं किया गया था। बाद की रिपोर्टों में 10 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख सामने आया।
ऐसे में वेबसाइट पर खबर प्रकाशित करते समय 10% को “घोषित/प्रस्तावित व्यवस्था” के तौर पर लिखना ज्यादा सुरक्षित है, जब तक संबंधित विभाग की ताजा अधिसूचना इसकी पुष्टि न कर दे।
केंद्र में पूर्व अग्निवीरों को क्या सुविधा है?
केंद्र सरकार ने 2026 में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में कांस्टेबल GD/राइफलमैन भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग व्यवस्था की है। गृह मंत्रालय के अनुसार इसमें 50 प्रतिशत रिक्तियों का प्रावधान, अधिकतम आयु सीमा में सामान्य रूप से 3 साल की छूट और पहले बैच के लिए 5 साल की अतिरिक्त आयु छूट का प्रावधान बताया गया है।
2026 के भर्ती नियमों में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट का भी उल्लेख है। यह व्यवस्था केंद्रीय बलों से जुड़ी है, इसलिए इसे राजस्थान की पुलिस भर्ती पर सीधे लागू नहीं माना जाना चाहिए।
अग्निवीरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह व्यवस्था?
अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं की सेवा अवधि चार साल होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रत्येक बैच में अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। बाकी अग्निवीर सेवा पूरी करने के बाद अन्य रोजगार विकल्पों की तलाश करते हैं।
ऐसे में राज्य सरकारों की ओर से पुलिस, वन विभाग, जेल विभाग और दूसरी सरकारी सेवाओं में आरक्षण या प्राथमिकता देने की व्यवस्था पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार का एक अतिरिक्त रास्ता बनाती है।
राजस्थान में सरकार की घोषणा के अनुसार पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती को इसमें शामिल किया गया है। हालांकि उम्मीदवारों को किसी भी भर्ती में आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की ताजा विज्ञप्ति में पद, आरक्षण प्रतिशत, आयु सीमा, योग्यता और चयन प्रक्रिया जरूर देखनी चाहिए।
राजस्थान में अग्निवीरों के लिए किन भर्तियों पर नजर?
- राजस्थान पुलिस
- जेल प्रहरी
- वनरक्षक
- अन्य सरकारी भर्तियां, यदि सरकार अलग से प्रावधान करती है
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