मोदी की गारंटी या चुनावी छलावा, गहलोत ने इंतजार शास्त्र के अंतिम चैप्टर से साधा निशाना
News In Short
- अशोक गहलोत की चर्चित सोशल मीडिया सीरीज को दिया विराम।
- अंतिम अध्याय में गहलोत ने पीएम मोदी की गारंटी को निशाने पर लिया।
- इस सीरीज में उन प्रोजेक्ट्स को उठाया, जिन्हें अब ठंडे बस्ते में डाल दिया।
- गहलोत ने जताया प्रदेश की पुरानी योजनाओं की उपेक्षा पर कड़ा ऐतराज।
- सरकार के खिलाफ गहलोत की यह सीरीज सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रही।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजारशास्त्र' का शनिवार को अंतिम 20वां अध्याय जारी किया। वे इस सीरीज के जरिए भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते रहे हैं। गहलोत ने सीरीज के अंतिम चैप्टर में आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की जनता से जो वादे किए थे, वे केवल वोट बटोरने के लिए एक छलावा साबित हुए हैं।
पुरानी योजनाओं की उपेक्षा पर ऐतराज
गहलोत ने अपने चैप्टर में इस बात को प्रमुखता से उठाया कि चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने मंच से बार-बार यह भरोसा दिलाया था कि सत्ता परिवर्तन होने पर भी कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जनहित की योजनाएं और विकास कार्य नहीं रुकेंगे। गहलोत का तर्क है कि इंतजार शास्त्र सीरीज के पिछले 19 अध्याय इस बात के जीवंत प्रमाण रहे कि वर्तमान भाजपा सरकार ने उन वादों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार सोची-समझी साजिश के तहत पिछली सरकार के प्रोजेक्ट्स को कमजोर कर रही है। गहलोत के अनुसार यह केवल प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध है, जिसका खामियाजा राजस्थान की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
जनता के हक पर राजनीतिक प्रतिशोध भारी
पूर्व मुख्यमंत्री ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा शासन में जनहित के प्रोजेक्ट्स की जानबूझकर उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा, प्रदेश की जनता मोदी की गारंटी और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को साफ देख रही है। राजस्थान की भाजपा सरकार ने खुद ही प्रधानमंत्री की गारंटी की हवा निकाल दी है।
गहलोत का इशारा मुख्य रूप से स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी उन योजनाओं की ओर था, जिनमें वर्तमान सरकार द्वारा बजट कटौती या क्रियान्वयन में ढिलाई के आरोप लग रहे हैं। उनका मानना है कि सरकार बदलने के साथ ही लोक कल्याणकारी नीतियों को रोकना लोकतंत्र के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं है।
जनता माफ नहीं करेगी
गहलोत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राजस्थान की भोली-भाली जनता को झांसा देकर सत्ता में आने वाली सरकार को लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने साफ किया कि विकास के कार्यों में राजनीति को आड़े लाना जनता के हक पर डकैती डालने जैसा है।
बढ़ता सियासी पारा
गहलोत की इंतजार शास्त्र सीरीज राजस्थान में सरकार के खिलाफ विपक्ष के एक मजबूत हथियार के रूप में उभरी। इसमें वे उन योजनाओं को उठाते रहे, जो उनके मुख्यमंत्री काल में शुरू हुई थी, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। वे हर नए चैप्टर के साथ वे एक नया मुद्दा उठाकर सरकार को घेरे में लेते रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत इन सीरीज के जरिए न केवल सरकार की घेराबंदी की जोरदार घेराबंदी, बल्कि आगामी चुनावों और उपचुनावों के लिए जनता के बीच एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को मजबूत हवा दी है।
ये भी पढे़:-
कटारिया के खिलाफ असंतोष बढ़ा, फिर लगे गंभीर आरोप, विधायकों के फंड से अपनों का कराया हवाई सफर
पहली बार नैचुरल ब्रीडिंग से जन्मे 3 चूजे, डेजर्ट नेशनल पार्क में गोडावण का कुनबा बढ़कर हुआ 79
रोड अलाइनमेंट के नाम पर 33 लाख की रिश्वत, ACB ने किया दलाल और XEN को गिरफ्तार
एक पुलिस अफसर ने 40 जगह से लगवाई सिफारिश, भरी मीटिंग में सीएम को यह किस्सा क्यों सुनाना पड़ा?