सीएम भजनलाल की पीएम मोदी और अध्यक्ष नबीन से मुलाकात, बदला राजस्थान का सियासी मौसम
News In Short
- सीएम भजनलाल की दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात।
- संगठन महामंत्री की नियुक्ति, सीएम की दिल्ली दौड़ और राज्यसभा चुनाव का शंखनाद।
- वसुंधरा बनाम विरोधी गुट के बीच सीएम भजनलाल शर्मा को और मजबूत करने की तैयारी।
- बची हुई राजनीतिक नियुक्तियों में आएगी तेजी, नए सारथी अजेय कुमार संभालेंगे कमान।
- वन स्टेट वन इलेक्शन की रणनीति और निकाय-पंचायत चुनावों पर हाईकमान से अंतिम मुहर।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान की भाजपा के लिए एक जून सुपर मंडे बन गया। इस दिन भाजपा में एक साथ चार सियासी घटनाएं हुई हैं। इसमें सीएम भजनलाल शर्मा की दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात ने एकाएक हलचल बढ़ा दी।
भाजपा में इसे केवल संयोग नहीं कहा जा सकता है कि सीएम भजनलाल ने सोमवार को दिल्ली में पीएम और भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात की। इस बीच, राजस्थान भाजपा को ढ़ाई साल बाद अजेय कुमार के रूप में न केवल संगठन महामंत्री मिल गया, बल्कि राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव के लिए अधिसूचना भी जारी हो गई। राजनीतिक विश्लेषकों की राय में भाजपा में ऐसे पॉवर-प्ले के गहरे और दूरगामी राजनीतिक संदेश होते हैं।
चार घटनाक्रम के राजनीतिक मतलब
भाजपा में संगठन महामंत्री का पद बेहद ताकतवर होता है। राजस्थान में चंद्रशेखर को तेलंगाना भेजने के बाद से यह पद खाली चल रहा था। भाजपा में संगठन महामंत्री आरएसएस का पूर्णकालिक प्रचारक ही बनता है।
सोमवार एक जून को जिस समय सीएम भजनलाल शर्मा दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर रहे थे उसी दौरान अजेय कुमार का नियुक्ति पत्र जारी हुआ। इसी दिन राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना भी जारी हो गई।
इस दौरान सीएम की पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात होने से यह माना जा सकता है कि पार्टी अब आगामी चुनाव की रणनीति पर काम शुरु करेगी। फिर चाहे यह पंचायत चुनाव हों या निकाय चुनाव। इसके अतिरिक्त अब आगामी चुनाव के द्ष्टिकोण से ही सरकारी फैसले होंगे और सत्ता का काम सरकार के फैसलों को ज्यादा से ज्यादा आमजन तक ले जाने का होगा।
सीएम को बनाया जाएगा ज्यादा मजबूत
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में भाजपा सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है। प्रदेश में पार्टी में अभी दो गुट सक्रिय हैं। एक पूर्व सीएम वसुधंरा राजे का गुट है तो दूसरा पार्टी में उनके विरोधियों का।
संगठन महामंत्री की नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय नेतृत्व की पहली प्राथमिकता गुटबाजी को समाप्त करके पार्टी पर कमांड कंट्रोल और सीएम भजनलाल शर्मा को और ज्यादा मजबूत बनाना होगा। एक ही दिन में सीएम भजनलाल की पीएम मोदी और अध्यक्ष नबीन से मुलाकात व संगठन महामंत्री की नियुक्ति से संकेत साफ है कि अब सरकार व संगठन केंद्रीय नेतृत्व के ऐजेंडे पर ही काम करेंगे।
राजनीतिक नियुक्तियों में आएगी तेजी
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आज के इस सियासी घटनाक्रम से एक संकेत यह भी मिलता है कि संगठन महामंत्री की नियुक्ति के बाद जल्दी ही राजस्थान में बची हुई राजनीतिक नियुक्तियों का काम भी पूरा किया जाएगा। अभी तक राज्य में सात राजनीतिक नियुक्तियां ही हुई हैं।
राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर मुहर
एक जून को ही राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों के चयन होने के भी संकेत मिलते हैं। कहने को तो राज्यसभा टिकटों का फैसला केंद्रीय चुनाव समिति और राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर पर होता है, लेकिन पीएम और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका सर्वविदित है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व पीएम से मिलने से संकेत यह मिलते हैं कि राजस्थान से राज्यसभा के उम्मीदवार चयन का काम हो चुका है। इस संबंध में विभिन्न पहलुओं पर जो भी चर्चा करनी थी, वह हो गई है। संगठन महामंत्री की नियुक्ति के बाद उम्मीदवारों के नामों की घोषणा व नामांकन की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
भविष्य के रोडमैप की तैयारी
राजस्थान में आने वाले समय में पंचायत व स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन की तर्ज पर पंचायत व निकाय चुनाव टालती आ रही है। इन चुनावों को लेकर सरकार की जिद्ध इस हद तक है कि वह कोर्ट की तय की गई तारीख की भी परवाह नहीं कर रही है।
भाजपा के काम करने के तरीके से साफ है कि पार्टी अभी से ही अगले विधानसभा चुनावों के अनुसार काम करना शुरु करेगी। इसलिए यह तय है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात में आने वाले चुनावों के रोडमैप तैयार करने के द्ष्टिकोण से भी विचार-विमर्श हुआ होगा।
सीधे व स्पष्ट तौर कहा जाए तो चारों कड़ियों के एक साथ जुड़ने का मतलब है-फैसले का वक्त आ चुका है। भाजपा हाईकमान ने राजस्थान को नया संगठन महामंत्री अजेय कुमार दे दिया है। राज्यसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है और सीएम भजनलाल शर्मा दिल्ली से अंतिम हरी झंडी लेकर राजस्थान में सत्ता और संगठन को पूरी आक्रामकता के साथ आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
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