राजस्थान कैबिनेट का फैसला, वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत पंचायत और नगरीय चुनाव

Jageshwar prasad | Aug 07, 2026, 20:35 IST
CM भजनलाल की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। राजस्थान एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग नीति 2026, फॉरेस्ट नीति और वन स्टेट वन इलेक्शन को मंजूरी दी गई। सरकारी कर्मचारियों के बीमा नियमों में भी संशोधन किया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: OBC सिफारिशें स्वीकृत, One Election को मंजूरी
  • राजस्थान में अब 125 दिन की रोजगार गारंटी, मनरेगा से 25 दिन ज्यादा
  • खाद्य प्रसंस्करण नीति: किसानों को 1.5 करोड़ तक का अनुदान
  • सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, सेवानिवृत्ति तक मिलेगा बीमा
  • 5 साल में 50 करोड़ पेड़, अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को 10% भूमि वृक्षारोपण के लिए आरक्षित

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई। इसमें ओबीसी आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया। वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत पंचायत राज और नगरीय निकाय चुनाव कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।



किसानों, श्रमिकों, कर्मचारियों और पर्यावरण से जुड़े कई बड़े फैसले हुए। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और जोगाराम पटेल ने प्रेसवार्ता में इन फैसलों की जानकारी दी।



OBC सिफारिशें स्वीकृत, एक साथ होंगे चुनाव

सबसे बड़ा फैसला वन स्टेट वन इलेक्शन से जुड़ा है। अब नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इससे विकास कार्यों की गति बनी रहेगी और समय व धन की बचत होगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024-25 के बजट में पहले ही की थी।



दूसरा बड़ा फैसला ओबीसी आरक्षण को लेकर आया। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की सिफारिशें 5 अगस्त 2026 को सरकार को मिली थीं। कैबिनेट ने इन्हें स्वीकार कर लिया। अब नगरीय निकाय एवं पंचायत राज अधिनियम में ओबीसी आरक्षण का प्रावधान हो गया है। इसके बाद अब इन वर्गों की सीटों के आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी।



किसानों और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा

कैबिनेट नेराजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2026को मंजूरी दी। इस नीति का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसमें फल-सब्जी, मसाला, अनाज, तिलहन, दलहन, औषधीय उत्पाद, दुग्ध व पशु आहार इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा।



राजस्थान फूड पार्क विकास नीति, 2026को भी अनुमोदन मिला। इसके तहत प्रत्येक जिले में क्लस्टर आधार पर चरणबद्ध रूप से फूड पार्क विकसित किए जाएंगे।



अनुदान की बड़ी व्यवस्था:



  • 50 लाख रुपये तक के ऋण पर60%पूंजीगत अनुदान
  • 50 से 100 लाख रुपये तक के ऋण पर50%अनुदान
  • 1 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण पर40%(अधिकतम 1.5 करोड़ तक) अनुदान
  • एफपीओ, टीएसपी क्षेत्रों, एससी/एसटी एवं महिला उद्यमियों कोअतिरिक्त 5%अनुदान

श्रीअन्न (मिलेट्स)को बढ़ावा देने के लिए 'श्रीअन्न प्रमोशन एजेंसी' की स्थापना भी होगी।



श्रमिकों के लिए नए नियम

मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026को मंजूरी दी गई। इसमें काम के घंटे, न्यूनतम मजदूरी और महंगाई भत्ते को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं:



  • सप्ताह में 48 घंटेकार्य
  • साल में 2 बार(1 अप्रैल और 1 अक्टूबर) महंगाई भत्ते में संशोधन
  • लगातार 5 घंटे काम के बादआधे घंटेका विश्राम अंतराल
  • अवकाश के दिन काम करने परओवरटाइमका प्रावधान
  • नियोक्ताओं के लिएवेतन पर्चीदेना अनिवार्य

राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026के तहत सभी श्रम शिकायतेंऑनलाइन पोर्टलपर की जाएंगी। यूनियनों के चुनाव के लिएगुप्त मतदानअनिवार्य होगा।



ग्रामीणों को 125 दिन की रोजगार गारंटी

'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को125 दिनों की वैधानिक रोजगार गारंटीदी जाएगी। यह केंद्र की मनरेगा योजना से 25 दिन अधिक है। डिजिटल मॉनिटरिंग से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और महिलाओं एवं कमजोर वर्गों की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।



सरकारी कर्मचारियों को बीमा लाभ

राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम, 1998 में संशोधन किया गया। पहले जिस वित्तीय वर्ष में कर्मचारी सेवानिवृत्त होता था, उस वर्ष 1 अप्रैल को ही बीमा पॉलिसी मैच्योर हो जाती थी। अब कर्मचारियों कोवास्तविक सेवानिवृत्ति तिथि तकबीमा कवरेज मिलेगा। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।



हरियाली और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा

ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट पॉलिसीको मंजूरी मिली। इससे वन क्षेत्र के बाहर हरित क्षेत्र का विस्तार होगा। 'मिशन हरियालो राजस्थान' के तहत5 वर्षों में 50 करोड़ पौधेलगाने का लक्ष्य है। पिछले 2 वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, इस वर्ष 10 करोड़ और लगाने का लक्ष्य है।



अक्षय ऊर्जा परियोजनाओंके लिए भूमि आवंटन के नियमों में संशोधन हुआ। परियोजना विकासकर्ताओं को आवंटित भूमि का10% हिस्सावृक्षारोपण के लिए आरक्षित रखना होगा। सौर व पवन ऊर्जा संयंत्रों के लिएप्रति मेगावाट 2 हेक्टेयरभूमि आवंटित की जाएगी। राज्य में अब तक 49 हजार मेगावाट से अधिक अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है। 2030 तक 125 गीगावाट का लक्ष्य है।



सीमेंट उद्योगों को भूमि आवंटन

दो बड़ी सीमेंट कंपनियों को जैसलमेर में भूमि आवंटित की गई:



  • स्टार सीमेंट नॉर्थ ईस्ट लिमिटेडको 254 हेक्टेयर भूमि,6,200 करोड़रुपये का निवेश
  • अल्ट्रा टेक सीमेंटको 107 हेक्टेयर भूमि आवंटित

9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान

मंत्रिपरिषद की बैठक में 'हर घर तिरंगा-2026' अभियान को जन आंदोलन बनाने पर चर्चा हुई। यह अभियानवंदे मातरमके 150 वर्ष पूरे होने को समर्पित है। 9 से 17 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगा फहराया जाएगा और वंदे मातरम का सामूहिक गायन होगा।



मंत्री जिलों का दौरा करेंगे

सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए गए। वे बिजली, पानी, सड़क, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। किसानों को उर्वरक, बीज आदि कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता भी सुनिश्चित करेंगे।



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