राजस्थान में निकाय चुनाव की घोषणा आज, शाम 4 बजें लागू होगी आदर्श आचार संहिता
समझें क्या है पूरा मामला
- चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ नए विकास कार्यों व घोषणाओं पर रोक लग जाएगी।
- दो चरणों में मतदान की संभावना,सितंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में मतदान करा सकता है।
- पहले से स्वीकृत वर्क ऑर्डर और नियमित जन-सुविधा कार्य अप्रभावित रहेंगे।
- आचार संहिता के दौरान बिल पेश किए जा सकेंगे, पर प्रचार नियमों की कड़ाई रहेगी।
राजस्थान में निकाय चुनाव 2026 की घोषणा का बुधवार को किसी भी समय हो सकती है। चुनावी कार्यक्रम की घोषणा होते ही शाम 4 बजें से आचार संहिता लागू होगी और नए विकास कार्यों की घोषणा पर भी विराम लग जाएगा। हालांकि पहले से चल रहे काम जारी रहेंगे।
जानकारी के अनुसार स्वायत्त शासन विभाग ने निकायों के आरक्षण और परिसीमन से जुड़ी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेज दी है। आयोग इस समय रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं और यदि रिपोर्ट में कोई कमी नहीं पाई गई तो बुधवार को ही चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।
चुनावी कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित शहरी निकायों की सीमा में तुरंत प्रभाव से आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। इसका प्रभाव प्रशासनिक निर्णयों और स्थानीय विकास योजनाओं पर पड़ेगा।
दो चरणों में मतदान संभव
राज्य निर्वाचन आयोग से मिल रही जानकारी के मुताबिक निकाय चुनावों के संचालन के लिए सभी प्रशासनिक और लॉजिस्टिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोग इस बार निकाय चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में संपन्न कराने की योजना बना रहा है। जानकारी के अनुसार संभावित रुप से आयोग सितंबर के पहले सप्ताह में पहले चरण की और दूसरे सप्ताह में बाकी निकायों के लिए वोटिंग करवा सकता है।
आदर्श आचार संहिता में क्या बंद होगा और क्या चालू रहेगा?
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकायों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। संबंधित जिलों और निकायों में नए विकास कार्यों के शिलान्यास, उद्घाटन या लोकार्पण कार्यक्रमों पर पूरी तरह रोक रहेगी। कोई भी नई विकास योजना, नए टेंडर या नए कार्य आदेश (Work Orders) जारी नहीं किए जा सकेंगे। मंत्रियों या जनप्रतिनिधियों पर भी नई योजना की घोषणा करने पर प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि जिन विकास परियोजनाओं के वर्क ऑर्डर आचार संहिता प्रभावी होने से पहले ही जारी किए जा चुके हैं वे जारी रहेंगे।इसके अलावा जो निर्माण कार्य पहले से ही जमीन पर चल रहे हैं, उन पर आचार संहिता का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यक नागरिक सेवाएं नियमित रूप से चलती रहेंगी।
विधानसभा में पेश होने वाले बिल
निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि राजस्थान सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए जाने वाले नए विधेयकों का चुनाव की तारीखों पर क्या असर पड़ेगा। आचार संहिता के दौरान विधानसभा में बिल पेश करने पर कोई रोक नहीं है।
लेकिन सरकार ऐसे किसी भी निर्णय या प्रचार माध्यम का उपयोग नहीं कर सकती जिससे आम मतदाता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हों। प्रचार संबंधी गतिविधियों और सरकारी विज्ञापनों पर आचार संहिता के कड़े नियम लागू रहेंगे। लेकिन,इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यदि सरकार ने वर्तमान विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता का बिल पेश किया तो यह प्रत्यक्ष रुप से मतदाताओं की गोलबंदी करने का काम करेगा।
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