ढाई साल बाद भजनलाल को मिला भाजपा का कमरा नंबर 5, कार्यालय से वसुंधरा राजे युग का अंत
News In Short
- सीएम भजनलाल को प्रदेश भाजपा कार्यालय में मिला सेपरेट कक्ष।
- भजनलाल को कमरा नंबर 5 दिया गया, जिस पर उनकी नेम प्लेट लगी।
- सीएम को कक्ष आवंटन में भाजपा को ढाई साल का समय लगा।
- यह वही कक्ष है, जहां पूर्व सीएम वसुंधरा राजे लंबे समय से बैठती थी।
- राजस्थान भाजपा कार्यालय से वसुंधरा राजे के युग का अंत।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा को ढाई साल बाद जयपुर में प्रदेश भाजपा कार्यालय में कक्ष मिल गया है। कार्यालय के बहुचर्चित कमरा नंबर 5 के बाहर अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम की नेम प्लेट चमकने लगी है। यह कमरा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के लिए आरक्षित था।
भाजपा कार्यालय से राजे युग का अंत
यह बदलाव केवल एक कमरे का आवंटन भर नहीं है, बल्कि पार्टी के भीतर बदलते समीकरणों का संकेत भी है। दरअसल, यह वही कमरा नंबर 5 है, जो लंबे समय से ही पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के लिए निर्धारित था। प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान से वसुंधरा राजे इसी कमरे का उपयोग करती रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी भजनलाल शर्मा के लिए अब तक प्रदेश कार्यालय में कोई स्थायी जगह तय नहीं थी। लगभग ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद इस कमरे से वसुंधरा राजे के नाम की पट्टिका हटाकर वर्तमान मुख्यमंत्री के नाम की नेम प्लेट लगाई गई है। पार्टी गलियारों में इसे राजे युग के धीरे-धीरे सिमटने के तौर पर देखा जा रहा है।
स्थापना दिवस पर कक्ष की शुरुआत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा के स्थापना दिवस पर सोमवार को प्रदेश कार्यालय पहुंचे। उन्होंने इस कक्ष में बैठकर इसका विधिवत उद्घाटन किया। स्थापना दिवस पर पार्टी कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे।
संगठन और सरकार के बीच बढ़ेगा तालमेल
कमरा नंबर 5 हमेशा से राजस्थान भाजपा की राजनीति का केंद्र रहा है। इस कमरे का हस्तांतरण यह स्पष्ट करता है कि अब संगठन की पूरी कमान और सरकार का रसूख वर्तमान नेतृत्व के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
पार्टी पदाधिकारियों ने इस निर्णय को संगठन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया है। पार्टी के अनुसार मुख्यमंत्री को अक्सर वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ गोपनीय और वन-टू-वन संवाद करना होता है। पार्टी मुख्यालय में समर्पित कक्ष होने से यह संवाद अब अधिक सहज होगा।
कार्यकर्ताओं के लिए सुलभ होंगे सीएम
पार्टी के अनुसार अभी तक मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कार्यकर्ताओं को अक्सर मुख्यमंत्री आवास या सचिवालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, जहां सुरक्षा और प्रोटोकॉल के कारण पहुंच आसान नहीं होती थी। अब राजस्थान भाजपा कार्यालय में कक्ष अलॉट होने से आम कार्यकर्ता अपने संगठन के मुखिया से उसी माहौल में मिल सकेंगे, जहां से उन्होंने अपनी राजनीति शुरू की है।
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