कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, भजनलाल बोले, हम 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर मंथन करने को तैयार
News In Short
- राजस्थान सरकार आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर मंथन करने को तैयार।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक कार्यक्रम में बताई सरकार की मंशा।
- सीएम ने कहा कि 8वें वेतन आयोग पर मंथन के लिए बनेगी हाई-लेवल कमेटी।
- कर्मचारी यूनियनों ने रखी न्यूनतम वेतन 69 हजार और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग।
- नए पदों के साथ ही प्रमोशन की बाधाएं दूर करने को मिलेगी दो साल की विशेष छूट।
News In Detail
राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर मंथन करने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार वेतनमान और प्रमोशन से जुड़े जटिल विषयों के गहन अध्ययन के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करेगी। यह कमेटी न केवल वर्तमान विसंगतियों को दूर करेगी, बल्कि आगामी आठवें वेतन आयोग के स्वरूप और उसके कार्यान्वयन की संभावनाओं पर भी अपनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपेगी।
भजनलाल सचिवालय में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनके हितों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का अध्ययन करना इस दिशा में एक दूरदर्शी कदम होगा। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश का कर्मचारी वर्ग लंबे समय से भविष्य के वेतन ढांचे को लेकर उत्सुक है।
प्रमोशन का भी रखेंगे ख्यात
वेतनमान के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रमोशन की बाधाओं को दूर करने पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सहायक शासन सचिव स्तर के वर्ष 2025 में सृजित किए गए 15 नए पदों के बाद अब 15 और नए पद बनाने की घोषणा की है। इससे ज्यादा अधिकारियों को प्रमोशन के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा कर्मचारियों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए रुकी हुए प्रमोशन में दो साल की छूट देने का भी फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राज्य का कर्मचारी आर्थिक रुप से मजबूत और मानसिक रुप से संतुष्ट होगा तभी प्रदेश में सुशासन और नागरिक देवो भव: का संकल्प वास्तविक रुप ले सकेगा।
आठवां वेतन आयोग,न्यूनतम 69 हजार रुपए वेतन की मांग
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर,2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है। आयोग की सिफारिशें एक जनवरी, 2026 से लागू होंगी। हालांकि, अभी इसके लागू होने में समय है, क्योंकि आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला है। सिफारिशें 2027 तक लागू होने की संभावना है।
2017 में लागू हुआ था सातवं वेतन आयोग
इससे पहले 1 अक्टूबर,2017 से सातवां वेतन आयोग लागू हुआ था। इससे कर्मचारियों के वेतन भत्तों में 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसके अलावा ग्रेच्यूटी की सीमा को भी 10 से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया था ।
कर्मचारी यूनियनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 (या 3.68) रखने की मांग की है। वार्षिक वेतन वृद्धि भी तीन फीसदी से बढ़ाकर छह फीसदी करने का प्रस्ताव भी रखा है। आयोग की टीम फिलहाल विभिन्न हितधारकों से सलाह ले रही है और रिपोर्ट के बाद ही अंतिम सैलरी स्ट्रक्चर तय होगा।
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