ब्रांडिंग मुबारक! डोटासरा का गहलोत पर करारा तंज, गुटबाजी फिर से उभरी
ऐसे समझें पूरा मामला
गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को अशोक गहलोत को निशाने पर लिया।
बोले, पार्टी से बड़ा खुद को बताने वाले व्यक्तिवाद की ब्रांडिंग उन्हीं को मुबारक।
पीसीसी चीफ का दावा, व्यक्तिवादी राजनीति के कारण ही बार-बार हारती है कांग्रेस।
डोटासरा ने महेंद्रजीत सिंह मालवीय के पहले गहलोत आवास जाने पर जताई नाराजगी।
कांग्रेस नेता डोटासरा ने कहा, यह सोचना चाहिए था पहले जाना कहां है।
राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी फिर से खुलकर आ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर परोक्ष तंज कसा। डोटासरा ने गहलोत का नाम लिए बिना गुरुवार को कहा कि वह पार्टी से ज्यादा अपनी ब्राडिंग करते हैं। यह ब्रांडिंग उन्हीं को मुबारक।
उन्होंने कहा कि इसी व्यक्तिवाद का पार्टी खामियाजा झेल रही है। इसी कारण हर बार एक बार सरकार बनती और फिर हार जाते हैं। डोटासरा ने कहा लेकिन मेरे लिए पार्टी बड़ी है।
दरअसल, गुरुवार को भाजपा से वापस आए वागड़ के दिग्गज नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीय भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के 300 कार्यकर्ताओं को कांग्रेस ज्वॉइन कराने जयपुर पहुंचे। वे पार्टी कार्यालय की जगह सीधे गहलोत के आवास पर गए। यहां गहलोत ने सभी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के पट्टे पहनाए।
कार्यकर्ताओं ने भी गहलोत को चौथी बार सीएम बनने के नारे लगाए। इसके बाद मालवीय कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर पहुंचे थे।
यह सोचते कि जाना कहां है
पीसीसी में डोटासरा ने मालवीय के गहलोत के आवास जाने पर सवाल दागा। उन्होंने कहा कि यह तो इनको सोचना था पहले कहां जाना है। कोई व्यक्ति अपनी ब्रांडिग के लिए काम कर रहा तो उन्हें मुबारक।
डोटासरा ने कहा, मैं कांग्रेस के लिए काम करता हूं। कोई बीजेपी में जाकर भी यहां आए तो भी मैं उसका स्वागत करूंगा।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिवाद का हमने नुकसान झेला है। इसी कारण एक बार सरकार में आते, फिर नहीं आते। डोटासरा ने कहा कि मेरी सिफारिश पर ही मालवीय को कांग्रेस में शामिल किया गया। मैं अनुशंसा नहीं करता तो वह नहीं आ सकते थे।
मालवीय ने गलती की इसलिए आज मेरे पीछे खड़े हैं
भड़के हुए डोटासरा ने कहा कि मालवीय ने गलती की, इसलिए आज मेरे पीछे खड़े हैं, जबकि मेरे से बड़े नेता हैं।
राजस्थान कांग्रेस में व्यक्तिवाद पर डोटासरा ने कहा ये कांग्रेस कार्यकर्ता थे, जिन्होंने सरकार बनाई और हराया भी। कार्यकर्ता ही व्यक्तिवाद को रोकेंगे।
हालांकि पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने बाद में अपनी बयानों का बचाव करते हुए कहा कि गहलोत के यहां तो सिर्फ स्वागत हुआ है।
व्यक्तिवाद के कारण ही हारे थे मालवीय
डोटासरा ने कहा कि मैं संगठन चलाता हूं। मालवीय कार्यकर्ताओं को लेकर पार्टी दफ्तर आए तो भी इनका स्वागत है।
लेकिन इनको देखना था कि पहले कहां आना है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से मालवीय पिछली बार चुनाव हारे।
अब मेरे पीछे खड़े हैं जबकि मेरे से बड़े नेता हैं। डोटासरा ने कि व्यक्तिवाद ही इन्हें नहीं जीता पाया। डोटासरा ने कहा मालवीय को देखना चाहिए था कि कांग्रेस पार्टी बड़ी है या नेता।
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