सावधान! फोन पर 'अपनों' की आवाज में आ सकती है ठगों की कॉल, AI और डीपफेक पर पुलिस का अलर्ट

Ashish Bhardwaj | Mar 17, 2026, 15:12 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान की साइबर पुलिस ने एआई और डीपफेक ठगी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। अपराधी अब परिचितों की आवाज निकाल कर और वीडियो की नकल कर ठगी कर रहे हैं।

News In Short

  • राजस्थान साइबर पुलिस ने आमजन के लिए जारी की विशेष एडवाइजरी।
  • AI और डीपफेक से होने वाले अपराधों पर राजस्थान पुलिस ने किया अलर्ट।
  • अपराधी अब परिचितों की हूबूहु आवाज और वीडियो की नकल से कर रहे हैं कॉल।
  • अपराधी पुलिस केस या मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर करते है ठगी का प्रयास।
  • साइबर अपराध होने पर तुरंत करें साइबर पुलिस को 1930 पर कॉल।

News In Detail

साइबर अपराधियों ने इन दिनों नई तकनीकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का सहारा लेकर ठग अब परिचितों की हूबूहु आवाज और वीडियो की नकल कर लोगों को कॉल कर रहे हैं।



इसको लेकर राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है।



क्या है AI और डीपफेक?

उपमहानिरीक्षक पुलिस शांतनु कुमार सिंह के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अत्याधुनिक तकनीक है, जो कंप्यूटर को इंसानों की तरह सोचने, बोलने और काम करने की क्षमता प्रदान करती है।



अपराधी AI की मदद से किसी भी व्यक्ति के पुराने वॉइस नोट या वीडियो का इस्तेमाल कर एक नकली 'डीपफेक' वर्जन तैयार कर लेते हैं। अपराधी वीडियो कॉल पर आपके किसी परिचित का चेहरा लगाकर बात करते हैं। ठग अक्सर एक्सीडेंट, पुलिस केस या मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर तुरंत पैसे मांगते हैं ताकि आप घबराहट में बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर दें।



ठगों को कैसे पहचानें?

जल्दबाजी का दबाव: अगर कॉल पर कोई कहे- "अभी के अभी पैसे भेजो" या "किसी को बताना मत", तो समझ जाइए दाल में कुछ काला है।



अजीब रिक्वेस्ट: ओटीपी, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स मांगना ठगी का सबसे बड़ा संकेत है।



पुष्टि करने से रोकना: ठग अक्सर आपको दूसरे नंबर पर कॉल करने या किसी और से सलाह लेने से रोकने की कोशिश करेंगे।



ठगों से बचाव के ये तरीके अपनाएं

क्रॉस-चेक करें: अगर कोई परिचित पैसे मांगे, तो फोन काटकर उनके नंबर पर सामान्य कॉल करें और सच्चाई जानें।



सोशल मीडिया पर सावधानी: अपनी निजी आवाज, वीडियो या वॉइस नोट्स को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने से बचें, क्योंकि अपराधी यहीं से आपका डेटा चुराते हैं।



जानकारी न दें: बैंक संबंधी कोई भी जानकारी फोन पर साझा न करें।



ठगी पर तुरंत यहां करें कॉल!

अगर आप या आपका कोई जानने वाला इसका शिकार हो जाता है, तो एक-एक सेकंड कीमती होता है। आप निम्न तरीकों से कर सकते हैं शिकायत -



हेल्पलाइन नंबर: तुरंत 1930 पर कॉल करें।



साइबर हेल्पडेस्क: 9256001930 या 9257510100 पर संपर्क करें।



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