संतो का अनूठा विरोध-प्रदर्शन, भरी गर्मी में प्रदूषण के खिलाफ हो रहा अग्नि तप

Ashish Bhardwaj | Apr 24, 2026, 12:59 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के दूदू जिले में दादू तपोवन को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने के लिए साधु-संतों ने भीषण गर्मी में अग्नि तप शुरू कर दिया है। ये संत रीको की विस्तार योजना के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से औद्योगिक विस्तार को रोकने की अपील कर रहे है।

News In Short

  • राजस्थान के दूदू जिले में साधु-संतों ने औद्योगिक प्रदूषण के खिलाफ अग्नि तप शुरू किया।
  • साधु-संतों का कहना है कि दादू तपोवन को प्रदूषण से बचाना जरूरी है।
  • आंदोलन में स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी भी सक्रिय रूप से शामिल हैं।
  • साधु-संतों ने सरकार से औद्योगिक विस्तार को रोकने की अपील की।
  • तपती धूप और जलती धूणी में साधु सरकार को जगाने का प्रयास कर रहे हैं।

News In Detail

राजस्थान में पारा 43 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। इस प्रचंड गर्मी में दूदू जिले के भैराणा में साधु-संत एक अनोखा विरोध-प्रदर्शन कर रहे है। यहां के साधु-संत अपने धार्मिक स्थल दादू तपोवन को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने के लिए विरोध कर रहे हैं। वे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अग्नि तप (धूणी) लगा कर बैठ गए है।



तपती धूप और जलती अग्नि के बीच विरोध

साधु-संतों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ एक विरोध नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक और प्राकृतिक संघर्ष है। तपती धूप और जलती धूणी के बीच संत जलती अग्नि के सामने बैठकर रीको (RIICO) के औद्योगिक विस्तार का विरोध कर रहे हैं। उनका विश्वास है कि तप में शक्तियों का संचार होगा और सरकार को जागरूक कर सकेंगे।



क्यों हो रहा है विरोध

दादू पालकां भैराणा धाम को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने की मांग को लेकर साधु-संतों का यह आंदोलन चल रहा है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र एक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है जो अब औद्योगिक प्रदूषण के कारण संकट में पड़ चुका है। प्रदूषण की वजह से यहां हजारों पेड़ और वन्य जीव प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।



कैसे हुआ घटना क्रम

संतो ने 5 अप्रैल को मौजमाबाद एसडीएम को ज्ञापन दिया और सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दे दिया। लेकिन सरकार के तरफ से कोई जवाब नहीं आया । 15 अप्रैल से संतों ने अग्नि तप शुरू कर दिया । 23 अप्रैल को दादू संप्रदाचार्य गोपालदास महाराज सहित रेण, बीकानेर, सुरसुरा और सालासर धाम के महंत मौके पर पहुंचे। सभी ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक क्षेत्र निरस्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा भी धरना स्थल पहुंचे और संतों से बातचीत की। लेकिन कोई भी हल नहीं निकला





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संतों की पुकार

आंदोलन कर रहे साधु-संतों का कहना है, जब विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश हो, तो साधु मौन नहीं रह सकते। हम यह तप इसलिए कर रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और पानी मिल सके। सरकार को यह जहरीला विस्तार तुरंत रोकना होगा।"





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