राजस्थान के बांधों में अब सिर्फ 52% पानी, 6 महीने में घटा 38%, भराव में जयपुर जोन टॉप पर

Ashish Bhardwaj | Apr 09, 2026, 18:48 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में बांधों का जलस्तर पिछले साल के मुकाबले 38% घटकर 52.24% रह गया है। पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्मीद है, लेकिन 227 बांध सूख चुके हैं।

News In Short

  • राजस्थान के बांधों में अब केवल 52% पानी शेष, 6 महीने में 38% पानी घटा।
  • प्रदेश में 227 बांध पूरी तरह सूख चुके, 14 बांध लबालब भरे हैं।
  • जयपुर जोन में सबसे अच्छा जलस्तर, 60.55% पानी शेष, जोधपुर सबसे पीछे।
  • कोटा और बांसवाड़ा के बांधों में तेज गिरावट, 14.84% और 13.14% पानी कम हुआ।
  • पेयजल संकट की आशंका, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ से राहत के भी आसार।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने करवट ली है, लेकिन बांधों का जलस्तर अब भी पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के सभी बांधों में कुल भराव क्षमता का मात्र 52.24 प्रतिशत पानी ही शेष है।



हैरानी की बात यह है कि पिछले साल 30 सितंबर 2025 को यह आंकड़ा 90.50 प्रतिशत था। यानी छह महीने में बांधों से 38.26 प्रतिशत पानी घट गया। अब उम्मीद है कि पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली बारिश से जलस्तर में थोड़ी राहत मिले।



227 बांध पूरी तरह सूखे, सिर्फ 14 ही लबालब

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कुल 693 बांधों में से अब सिर्फ 14 बांध ही पूरी तरह से लबालब भरे हुए हैं। वहीं, 452 बांध आंशिक रूप से भरे हैं - यानी उनमें पानी तो है, लेकिन क्षमता से कम। सबसे चिंताजनक यह है कि 227 बांध 1 अप्रैल तक पूरी तरह सूख चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कई इलाकों में पेयजल संकट गहराने की आशंका है।



जयपुर जोन नंबर-1, जोधपुर जोन सबसे पीछे

प्रदेश को छह जल जोनों में बांटा गया है। सबसे अच्छी स्थिति जयपुर जोन की है, जहां के बांधों में औसतन 60.55 प्रतिशत पानी है। दूसरे नंबर पर कोटा जोन है, जहां 59.44 प्रतिशत पानी है। तीसरे स्थान पर बांसवाड़ा जोन है। यहां 50.15 प्रतिशत पानी है।



बाकी बचे 3 जोनों के बांधों में 50 प्रतिशत से भी काम पानी है। उदयपुर जोन में 45.12% पानी है। भरतपुर जोन में सिर्फ 30.99% पानी है। वहीं जोधपुर जोन में सबसे कम, केवल 28.28% पानी है। यानी मारवाड़ की धरती पर पानी का संकट सबसे गहरा है, जहां बांध आधे से भी कम भरे हैं।



डेढ़ माह में तेजी से खाली हुए बांध

विभाग ने 15 फरवरी से 31 मार्च तक (डेढ़ माह) के दौरान जलस्तर में गिरावट के आंकड़े भी जारी किए हैं। यह दौर गर्मी की शुरुआत का रहा, और इस दौरान सबसे अधिक पानी कोटा जोन से घटा जो 14.84 प्रतिशत है। उसके बाद बांसवाड़ा जोन में 13.14 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी ओर, भरतपुर जोन के बांधों में सबसे कम गिरावट (6.87%) दर्ज हुई, जो थोड़ी राहत की बात है। जयपुर जोन में 7.89%, जोधपुर जोन में 8.35% और उदयपुर जोन में 9.25% की गिरावट आई।



मई-जून के महीने कठिन

पिछले साल अच्छी बारिश के कारण सितंबर तक बांध छलक रहे थे, लेकिन लगातार पानी की खपत ने जलस्तर को तेजी से गिरा दिया। अब गर्मी अभी बाकी है इसीलिए मई-जून के महीने और भी कठिन हो सकते हैं। जोधपुर और भरतपुर जोन में तो सबसे कम पानी है।



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