गांव का कानून तोड़ा तो डॉक्टर और एमबीए दुल्हन को तुगलकी फरमान, जानिए पूरा मामला

Purshottam Kumar Joshi | Jan 08, 2026, 20:08 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के नागौर में गांव के कानून के चलते डॉक्टर और उसकी एमबीए पत्नी को समाज से बहिष्कृत होना पड़ा। उनके पूरे परिवार को जात और गांव से बाहर कर दिया। गांव में आने पर बकरे की तरह हलाल करने की धमकी दी है।

Nagour. राजस्थान में नागौर के बासनी में डॉक्टर रियान और उनकी एमबीए दुल्हन गुलनार को जाति और गांव का कानून नहीं मानना भारी पड़ा। इनके परिवार को जाति और गांव से बाहर होना पड़ा। इस परिवार को नागौरी कौमी सोसायटी ने मुनादी करवा गांव में आने पर बकरे की तरह हलाल करने का फरमान सुना दिया। अब डॉक्टर का पिता गांव से बाहर एक दुकान चला रहा है।



सर्दी की चपेट में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड



सामाजिक बहिष्कार और धमकी

30 दिसंबर 2024 को नागौरी कौमी सोसायटी ने बासनी में रियान और गुलनार के खिलाफ एक बैठक आयोजित की, जिसमें इन्हें गांव से बाहर करने का फरमान सुनाया गया। इसके बाद लाउड स्पीकर से पूरे गांव में यह फरमान मुनादी कराई गई। यह मामला और भी गंभीर हो गया जब 10 जनवरी 2025 को सोसायटी के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान ने अल्लाहबक्श को धमकी दी कि अगर वे गांव नहीं छोड़ते तो उनके बेटे और बहू को मार डाला जाएगा।



राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक भर्ती: 1100 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका



शादी में उत्पन्न हुआ विवाद

रियान और गुलनार की शादी 24 अक्टूबर 2024 को हुई थी। रियान ने बताया कि उन्होंने और उनके परिवार ने यह शादी समाजिक मर्यादाओं से बाहर जाकर की, क्योंकि नागौरी कौमी सोसायटी ने उनके विवाह के लिए मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद समाज के कुछ लोगों ने इस विवाह का विरोध किया और उन पर हमला भी किया। इस हमले के बाद रियान और गुलनार का सामाजिक बहिष्कार शुरू हो गया।



विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से, 11 फरवरी को राजस्थान का बजट पेश होने की संभावना



हाई कोर्ट के दो जज भी आवारा कुत्तों के हुए शिकार, एक तो रीढ़ की चोट से जूझ रहे



पारिवारिक मुश्किलें और समर्पण

रियान और गुलनार ने बताया कि समाज द्वारा बहिष्कृत होने के बाद उन्हे हेय दृष्टि से देखा जा रहा है। उन्हें अब अपने घर से बाहर निकलने में भी मुश्किल हो रही है। रियान ने बताया कि उन्हें अपनी नौकरी में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोग उनसे बात करना बंद कर चुके हैं, और उनका समाज में कोई स्थान नहीं रहा।



प्राइवेट स्कूलों को देना ही होगा आरटीई के तहत एडमिशन, हाईकोर्ट ने खारिज की निजी स्कूलों की याचिका



सोसायटी का दावा और पुलिस जांच

नागौरी कौमी सोसायटी के अध्यक्ष हबीबुर्रहमान ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि उनका समाज दहेज को मान्यता नहीं देता। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला झूठा है और सोसायटी के बायलॉज के खिलाफ गए होने के कारण उनकी सदस्यता समाप्त की गई। हालांकि, पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।



जयपुर में आईपीएल मैचों पर लटकी तलवार, आरसीए ने बीसीसीआई से किया संपर्क



मुख्य बिंदू :

  • डॉक्टर रियान और एमबीए गुलनार की शादी में गांव का कानून तोड़ा तो डॉक्टर और एमबीए दुल्हन को तुगलकी फरमान सुनाया है।नागौरी कौमी सोसायटी की मंजूरी के बिना हुई थी, जिससे समाज ने उनका विरोध किया और दोनों परिवारों को बहिष्कृत कर दिया।
  • नागौरी कौमी सोसायटी ने कहा कि उनका समाज दहेज के खिलाफ है और रियान और गुलनार ने सोसायटी के बायलॉज का उल्लंघन किया, इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई।
  • पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और नागौरी कौमी सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जांच तेज कर दी है।
Tags:
  • राजस्थान
  • नागौर
  • डॉक्टर रियान और एमबीए गुलनार की शादी
  • नागौरी कौमी सोसायटी
  • गांव का कानून तोड़ा तो डॉक्टर और एमबीए दुल्हन को तुगलकी फरमान