956 डॉक्टरों के तबादले, लम्बे समय से चल रहे थे एपीओ, जारी हुए आदेश

Purshottam Kumar Joshi | Jan 29, 2026, 17:47 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 956 डॉक्टरों के तबादले किए है। इनमें से कई डॉक्टर लम्बे समय से एपीओ चल रहे थे। इन्हे सीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में लगाया गया है।

News in Short

  • राजस्थान में 956 डॉक्टरों डॉक्टरों के तबादले।
  • ये डॉक्टर्स तीन महीने से अधिक समय से बिना पोस्टिंग चल रहे थे।
  • इनमें एनेस्थिसिया, सर्जरी, गायनी, ऑर्थो समेत कई स्पेशलिस्ट शामिल।
  • इन डॉक्टर्स की सीएचसी, जिला व सेटेलाइट अस्पतालों में तैनाती होगी।
  • अब छोटे ऑपरेशन और इलाज प्रभावित नहीं होंगे।
  • मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर्स की सुविधा और इलाज मिल सकेगा।

News in Detail

राजस्थान में पिछले तीन महीने से पोस्टिंग का इंतजार क रहे करीब 956 डॉक्टरों को पोस्टिंग मिल गई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार देर रात दो अलग-अलग तबादला सूची जारी कर इन्हे सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल में पदस्थापित कर दिया। इनमें से कई डॉक्टर पिछले तीन महीने या उससे अधिक समय से एपीओ चल रहे थे।



कई विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर्स शामिल

चिकित्सा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, कुल 956 विशेषज्ञ डॉक्टर्स को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में नियुक्त किया गया है। इनमें एनेस्थिसिया, जनरल सर्जरी, गायनी, दंत रोग, टीबी, स्किन, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग सहित कई अन्य विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। इनमें से अधिकांश डॉक्टर पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) कर चुके हैं।



सीएचसी तक को मिले स्पेशलिस्ट

चिकित्सा विभाग द्वारा इन डॉक्टर्स को प्रदेश के अलग-अलग जिलों और शहरों में ​नियुक्त किया गया है। ये डॉक्टर्स कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी), उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल और अन्य बड़े राजकीय अस्पतालों में सेवा देंगे।



राजस्थान के कई जिलों में काफ़ी समय से इन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी बनी हुई थी। इस वजह से ग्रामीण और शहरी इलाकों के मरीजों को इलाज के लिए जिला या संभाग मुख्यालयों के अस्पतालों में चक्कर काटना पड़ता था।



डॉक्टर्स की कमी से यह थी परेशानी

प्रदेश में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की कमी के कारण कई सीएचसी और जिला अस्पतालों में छोटी सर्जरी, प्रसव संबंधी सेवाएं और अन्य आवश्यक इलाज सेवांए प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा कई मामलों में मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जाता था। इससे मरीजों और परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ रहा था।



मरीजों को यह मिलेगा फायदा

राजस्थान के विभिन्न जिलों में 956 डॉक्टर्स की पोस्टिंग के बाद अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की संभावना है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से अस्पतालों में समय पर इलाज मिल सकेगा।



नीचे देखिए तबादला कर पदस्थापित किए गए डॉक्टरों की पूरी सूची



एपीओ डॉक्टरों की संख्या

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राज्य में डॉक्टरों की स्थिति इस प्रकार थी।



  • जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भर में 930 डॉक्टर एपीओ (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) चल रहे थे।
    इनमें से 956 डॉक्टरों (विभिन्न श्रेणियों को मिलाकर) के पदस्थापन के आदेश हाल ही में 28 जनवरी 2026 को जारी किए गए हैं।

पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे डॉक्टर

  • पीजी (MD/MS) कोर्स पूरा करने के बाद लगभग 350 से अधिक सेवारत डॉक्टर कई महीनों से स्थाई पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे थे। ये वे डॉक्टर हैं जिन्होंने इन-सर्विस कोटे के तहत पीजी की थी और कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें फील्ड में भेजने के बजाय मुख्यालय या मेडिकल कॉलेजों में 'एपीओ' रखा गया था। इसके अतिरिक्त राज्य में डॉक्टरों के लगभग 2500 पद खाली चल रहे हैं।
  • 28 जनवरी 2026 को चिकित्सा विभाग ने दो अलग-अलग आदेशों के माध्यम से कुल 956 डॉक्टरों (657 + 299) को एपीओ से कार्यमुक्त कर उन्हें विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त किया है।

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