सांसद से मांगे विधायकों के नंबर, मंत्री बनाने के नाम पर ठगने की कोशिश, फर्जी गृह सचिव गिरफ्तार
News In Short
- राजस्थान में सांसद को कॉल करने वाला फर्जी केंद्रीय गृह सचिव गिरफ्तार।
- फर्जी अधिकारी ने भीलवाड़ा सांसद से विधायकों के नंबर मांगे थे।
- मंशा विधायकों को राजस्थान में मंत्री बनाने के नाम पर ठगी करने की थी।
- आरोपी गौरवनाथ दिल्ली में एलएलबी का छात्र है। वह कर्ज में डूबा हुआ था।
- आरोपी राजस्थान से पहले देश के अन्य राज्यों में भी कर चुका है ऐसी करतूत।
News In Detail
Bhilwara: राजस्थान में भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल को कॉल कर उनसे विधायकों के नंबर लेने वाले एक फर्जी केंद्रीय गृह सचिव को गिरफ्तार किया गया है। यह ठग विधायकों को मंत्री बनाने का झांसा देकर उनसे करोड़ों की वसूली के फिराक में था। पकड़े गए आरोपी गौरवनाथ ने खुद को केंद्रीय गृह सचिव बताकर सांसद से विधायकों के मोबाइल नंबर और गोपनीय जानकारी मांगी थी।
फर्जी पहचान और बड़ी साजिश
पकड़े गए आरोपी की पहचान गौरवनाथ के रूप में हुई है। यह दिल्ली के गाजीपुर इलाके का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी शारदा यूनिवर्सिटी से एलएलबी का छात्र है। उसने बेहद शातिराना तरीके से सांसद दामोदर अग्रवाल को व्हाट्सएप पर कॉल और मैसेज किए।
शुरुआत में आरोपी ने खुद को गृह सचिव का निजी सचिव दीपक शर्मा बताया। बाद में कॉल दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दी, जिसने खुद को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन बताया। उसने सांसद से कहा कि गृह मंत्री के निर्देश पर राजस्थान मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल को लेकर फीडबैक जुटाना है। इसलिए जिले के सभी विधायकों के नंबर दिए जाएं और उन्हें गृह सचिव से बात करने को कहा जाए।
ऐसे खुला ठगी का राज
सांसद दामोदर अग्रवाल को बातचीत के तरीके पर संदेह हुआ। उन्होंने बताया कि 15 मार्च की शाम से 16 मार्च की सुबह तक उन्हें 5-6 बार कॉल आए। ठग ने दावा किया कि गृह मंत्री विधायकों की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन पर रिपोर्ट चाहते हैं।
सांसद का शक तब गहराया, जब कथित गृह सचिव ने सीधे विधायकों से फोन करवाने की बात कही। सांसद जानते थे कि गृह सचिव स्तर का अधिकारी सीधे इस तरह से नंबर नहीं मांगता। इसके बाद सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्रालय में संपर्क किया। वहां से स्पष्ट हुआ कि न तो मंत्रालय से ऐसा कोई कॉल किया गया है और न ही वहां गोविंद मोहन या दीपक शर्मा नाम के कोई अधिकारी इस तरह के कार्य में संलग्न हैं।
भारी कर्ज में डूबा था ठग
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गौरवनाथ अपनी महंगी लाइफस्टाइल के कारण भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने और जल्दी पैसा कमाने के लिए उसने राजनीतिक हस्तियों को ठगने का रास्ता चुना। वह इससे पहले बेंगलूरु के एक भाजपा नेता से भी 40 लाख रुपये की ठगी कर चुका है।
गौरव के खिलाफ दिल्ली, नासिक और मणिपुर के इंफाल में भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। ठगी के लिए उसने चोरी के मोबाइल और फर्जी सिम का उपयोग किया था। वह इंटरनेट के लिए हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न हो सके।
तीन दिन के रिमांड पर लिया
सांसद की रिपोर्ट पर भीलवाड़ा कोतवाली पुलिस ने ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी गौरवनाथ को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उससे गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके भाई प्रवीण सिंह के बारे में पूछताछ की जा रही है, जो दिल्ली के ही एक अन्य साइबर मामले में वांछित है।
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