हरियाणा तक फैले भ्रूण लिंग जांच रैकेट का खुलासा, 6 आरोपी आए गिरफ्त में

Purshottam Kumar Joshi | Jan 19, 2026, 20:32 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच के रैकेट का खुलासा हुआ है। कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े गिरोह को पकड़ते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। 80,000 रुपये में हुई डील तय।

News In Short

  1. राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़।
  2. 6 आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
  3. गिरोह 80,000 रुपये में भ्रूण लिंग जांच की डील कर रहा था।
  4. पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य मेडिकल उपकरण बरामद।
  5. आरोपितों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट, बीएनएस और एनएमसी एक्ट के तहत मामला दर्ज।

News In Detail

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में भ्रूण लिंग जांच के रैकेट का खुलासा हुआ है। विशेष रेडिंग टीम ने छह आरोपितों को रंगे हाथ पकड़ा, जो गर्भवती महिलाओं को 80,000 रुपये में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच के लिए ले जा रहे थे। पुलिस ने इस गिरोह से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण, और डिजिटल भुगतान के सबूत बरामद किए। महिला डिकोय का इस्तेमाल करके गिरोह के संपर्ककर्ताओं से 80,000 रुपये में डील तय की गई थी। आरोपितों को गिरफ्तार कर पीसीपीएनडीटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।



भ्रूण लिंग रैकेट का खुलासा

राजस्थान में एक बार फिर भ्रूण लिंग जांच के रैकेट का खुलासा हुआ है। हाल ही में कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े गिरोह को पकड़ते हुए छह आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपित गर्भवती महिलाओं को अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच के लिए राजस्थान ले जा रहे थे और इसके बदले में 80हजार रुपए की डील कर रहे थे।



कैसे हुआ भंडाफोड़?

यह गिरोह हरियाणा से सटे राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में सक्रिय था। नारनौल पीएनडीटी प्राधिकरण को इस गिरोह के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद एक विशेष रेडिंग टीम का गठन किया गया। डाक्टर विजय यादव के नेतृत्व में टीम ने 16 जनवरी को छानबीन शुरू की और 18 जनवरी को गिरोह के छह आरोपितों को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण और डिजिटल भुगतान से जुड़े सबूत भी बरामद किए।



गिरफ्तारी और सबूत

राजस्थान पुलिस ने आरोपितों के पास से चार कारें, दो मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, वाट्सएप चैट, वीडियो रिकार्डिंग, और डिजिटल भुगतान से संबंधित स्क्रीनशॉट्स बरामद किए। ये सभी प्रमाण पीसीपीएनडीटी एक्ट, बीएनएस एक्ट और एनएमसी एक्ट के तहत जांच में सहायक साबित हो रहे हैं।



महिला डिकॉय का इस्तेमाल

भ्रूण परीक्षणगिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए एक महिला डिकॉय का इस्तेमाल किया गया। यह डिकॉय महिला सरकारी योजना 'बेटी बचाओ' के तहत बनाई गई थी। महिला ने गिरोह के संपर्ककर्ता से वाट्सएप कॉल और चैट के माध्यम से संपर्क किया और 80,000 रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय किया। बाद में इस रकम का भुगतान 'फोन पे' के माध्यम से तीन किस्तों में किया गया, जिसकी पुष्टि जांच टीम ने की।



रास्ते में पीछा और गिरफ्तारियां

गिरोह के आरोपितों ने गर्भवती महिला को नारनौल के रघुनाथपुरा स्थित हनुमान मंदिर के पास बुलाया और फिर अलग-अलग वाहनों में बैठाकर कोटपूतली ले गए। इस दौरान पीएनडीटी टीम ने पूरे रास्ते उनका पीछा किया और कोटपूतली में एक मकान में छापा मारकर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।



आरोपियों की गिरफ्तारी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य सौदागर बिरेंद्र, सुनील, जितेंद्र, धर्मवीर, आनंद जांगिड़, और पवन कुमार शामिल हैं। इन सभी आरोपितों को पुलिस ने नारनौल में गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।



सख्त कार्रवाई की मांग

पीएनडीटी एक्ट के तहत इस गिरोह की सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस रैकेट के द्वारा गर्भवती महिलाओं का शोषण किया जा रहा था और इसे रोकने के लिए कड़ी निगरानी और कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।



जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026: अनुराग वर्मा का बड़ा दावा, राजस्थान का युवा गहलोत के लिए बेताब



Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान पुलिस
  • भ्रूण परीक्षण
  • डिजिटल भुगतान
  • पीसीपीएनडीटी
  • कोटपूतली-बहरोड़