एफएसएल निदेशक डॉ. अजय शर्मा को हटाया, भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
News In Short
- एफएसएल में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद चार अधिकारी एपीओ।
- एपीओ होने वाले वाले अधिकारियों में निदेशक डॉ. अजय शर्मा भी।
- डॉ. अजय शर्मा का कार्यकाल लंबे समय से विवादों में रहा है।
- डीएनए किट खरीद घोटाले में डॉ. अजय की भूमिका संदिग्ध रही।
- फिलहाल डॉ. आरके मिश्रा को अब एफएसएल को निदेशक पद का प्रभार।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) के विवादों में रहे निदेशक डॉ. अजय शर्मा को पद से हटा दिया गया है। गृह विभाग (ग्रुप-1) की ओर से जारी आदेश में उन्हें एपीओ यानी पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है।
सरकार ने केवल निदेशक डॉ. अजय को ही नहीं, बल्कि एफएसएल के तीन अन्य शीर्ष अफसरों पर भी कड़ा एक्शन लिया है। इसमें डॉ. आनंद कुमार (सहायक निदेशक सिरोलॉजी DNA) और डॉ. रामकिशन कुमावत (सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर) को भी एपीओ कर दिया गया है। साथ ही सिरोलोजी डीएनए की सहायक निदेशक डॉ. भावना पूनिया को भी पद से हटा दिया गया है। इन सभी अफसरों को अपनी उपस्थिति अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के कार्यालय में देने के निर्देश दिए गए हैं।
विवादों का रहा है चोली-दामन का साथ
डॉ. अजय शर्मा का कार्यकाल लंबे समय से विवादों के घेरे में रहा है। विभाग के भीतर और बाहर उनके खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा हुआ था। सूत्रों की मानें तो डीएनए किट खरीद घोटाले में उनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी। इसकी वजह से सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगा।
इतना ही नहीं, सबसे गंभीर आरोप डीएनए नतीजों में छेड़छाड़ को लेकर लगे थे। आरोप थे कि रसूखदारों को लाभ पहुंचाने के लिए संवेदनशील मामलों की फॉरेंसिक रिपोर्ट्स के साथ खिलवाड़ किया गया, जिससे न्याय प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए थे।
हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणियां
एफएसएल जयपुर की कार्यप्रणाली पर राजस्थान हाई कोर्ट भी कई बार नाराजगी जाहिर कर चुका है। विभिन्न मामलों की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एफएसएल के खिलाफ बेहद गंभीर टिप्पणियां की थीं। रिपोर्ट में देरी और तकनीकी खामियों को लेकर कोर्ट ने निदेशक की जवाबदेही पर सवाल उठाए थे। शायद यही वजह है कि सरकार अब राज्य की सबसे बड़ी जांच लैब की साख को और अधिक बट्टा नहीं लगने देना चाहती थी।
नई नियुक्तियां और जिम्मेदारी का हस्तांतरण
प्रशासनिक कार्य सुचारू रखने के लिए सरकार ने एफएसएल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. आर.के. मिश्रा को अब एफएसएल को निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार दिया है। सिरम खंड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी हरिनारायण को सिरोलॉजी डीएनए विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही जैविक मुख्य प्रयोगशाला की सहायक निदेशक डॉ. बैजू माथुर को सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। सिरोलोजी के सहायक निदेशक बलवन्त खज्जा को सिरोलोजी डीएनए की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
जांच के घेरे में अन्य अधिकारी
इस बड़ी कार्रवाई में जहां पूरी डीएनए विंग को चलता कर दिया गया, वहीं विभाग में चर्चा है कि जांच के दायरे में आए उप निदेशक राजेश चौधरी फिलहाल इस सूची से बाहर हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई अभी रुकने वाली नहीं है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम इस लपेटे में आ सकते हैं।
ये भी पढे़:-
तबादला हुआ, शहर बदला पर नहीं छोड़ा सरकारी बंगला, अब सरकार ने बनाई ऐसे अफसरों की सूची
हार के डर से पंचायत और निकाय चुनाव टाल रही है भाजपा, पायलट ने लगाए आरोप
वसुंधरा राजे को सफाई देने की ज़रूरत नहीं, अशोक गहलोत ने ऐसा क्यों कहा?