गैस की कालाबाजारी करने वालों पर अब एफआईआर, लाइसेंस भी होगा निरस्त
News In Short
- राजस्थान सरकार ने गैस कालाबाजारी पर सख्त कदम उठाया, एफआईआर और लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी कलेक्टरों को एलपीजी सप्लाई को नियमित रखने के आदेश दिए।
- विशेष अभियान के तहत पुलिस और खाद्य विभाग को संयुक्त टीमों का गठन करने के निर्देश।
- शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल को सक्रिय रखा जाएगा।
- कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई को नई एसओपी के तहत बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में गैस की कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है। ऐसे कामों में लिप्त संस्थाओं या व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को एलपीजी सप्लाई की नियमित रखने के आदेश दिए हैं।
चलाया जाए विशेष अभियान
सीएम भजनलाल ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में एलपीजी आपूर्ति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने खाद्य विभाग, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त टीमों के तहत विशेष अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए। साथ ही सभी जिलों में एलपीजी और आवश्यक वस्तुओं के गोदामों, एजेंसियों एवं वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने को कहा।
शिकायतों का 24 घंटे में करें हल
सभी जिलों को यह भी कहा है कि हेल्पलाइन एवं शिकायत पोर्टल की पूर्ण सक्रियता रखी जाए। शिकायतों का 24 घंटे में त्वरित समाधान हो। इसकी नियमित मॉनिटरिंग कर मुख्य सचिव स्तर पर रिपोर्ट दी जाए। अफवाह या गलत सूचना के कारण उपजी कृत्रिम मांग को कंट्रोल करने के साथ ही डिमांड और सप्लाई की वास्तविक स्थिति का भी दैनिक आकलन किया जाए।
ओटीपी और डायरी में एंट्री अनिवार्य हो
सभी जिला कलेक्टरों को एलपीजी आवंटन संबंधी दिशा-निर्देशों की पालना करने के भी निर्देश दिए गए हैं। ओटीपी आधारित गैस वितरण और डायरी में एंट्री को अनिवार्य लागू करवाया जाए। पीएनजी औीर सीजीडी नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी जाए। पाइपलाइन बिछाने संबंधी सभी मंजूरी 24 घंटे के भीतर जारी हों। वहीं, औद्योगिक संस्थानों को पीएनजी अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई
बैठक में बताया गया कि नई एसओपी के तहत कमर्शियल गैस सिलेंडर की जरूरत के अनुरूप सप्लाई कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में 27 मार्च तक 3 हजार 741 निरीक्षण किए गए हैं। इनमें 1 हजार 506 गैस एजेंसियों का निरीक्षण शामिल है। राज्य सरकार आमजन की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 14435, 112 और 181 संचालित कर रही है।
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