गैस सिलेंडर संकट पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, वाइट पेपर लाने की मांग
News In Short
- कांग्रेस ने गैस सिलेंडर संकट पर की राजस्थान सरकार की घेराबंदी।
- कांग्रेस नेताओं ने राजस्थान सरकार पर लगाए विफलता के आरोप।
- कांग्रेस का आरोप, नोटबंदी की तरह अब गैस सिलेंडरों के लिए कतारें।
- कांग्रेस ने सिलेंडर संकट पर की राहत पैकेज और वाइट पेपर की मांग।
- सरकार ने घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक होने का किया दावा।
News In Detail
राजस्थान में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद देश में उत्पन्न एलपीजी सिलेंडर संकट को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संकट के समय सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। जिस तरह नोटबंदी के दौरान लोगों को कतारों में खड़ा होना पड़ा था, उसी तरह अब गैस सिलेंडर के लिए लाइनें लग रही हैं।
रिफाइनरी शुरू कर राहत देने की मांग
डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि युद्ध लंबा चला तो पेट्रोल-डीजल की स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की रिफाइनरी का काम पूरा हो चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री उद्घाटन का समय नहीं दे रहे। ऐसे संकट में रिफाइनरी से उत्पादन शुरू कर लोगों को राहत दी जा सकती है। साथ ही उन्होंने मांग की कि सिलेंडर संकट से प्रभावित उद्योगों और संस्थानों के बिजली बिल माफ किए जाएं तथा बेरोजगार हुए श्रमिकों और कर्मचारियों को विशेष पैकेज दिया जाए।
कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से संकट
डोटासरा ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग बंद होने के कारण रेस्टोरेंट, हॉस्टल और ढाबों सहित कई उद्योग बंद होने लगे हैं। कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के बावजूद सरकार ने गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ा दीं और जमाखोरी पर भी रोक नहीं लगा पा रही है। उनका कहना था कि यदि दोनों जगह कांग्रेस की सरकार होती तो ऐसे हालात में सिलेंडर का एक रुपया भी नहीं बढ़ने दिया जाता।
सिलेंडर संकट पर जारी करें वाइट पेपर
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से पैदा हालात पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत श्वेत पत्र जारी कर बताना चाहिए कि देश में गैस का कितना स्टॉक है और अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो उससे निपटने की क्या योजना है। जूली ने कहा कि संकट के समय कीमतें बढ़ाकर सरकार ने लोगों में और घबराहट पैदा कर दी है, जबकि उसे उद्योगों, व्यापारियों और आम लोगों को राहत देने के कदम उठाने चाहिए।
घरेलू गैस के पर्याप्त स्टॉक का दावा
उधर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सप्लाई की जा रही है। उन्होंने सचिवालय में आयोजित एक बैठक में बताया कि केंद्र सरकार के 9 मार्च के एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई गई है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है। साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में भी रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित सभी अन्नपूर्णा रसोई योजना में भी गैस की उपलब्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
तीन हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं शिकायत
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए पुलिस हेल्पलाइन 112, राजस्थान संपर्क हेल्पलाइनये 181 या उपभोक्ता मामलों के विभाग के हेल्पलाइन नंबर 14435 पर संपर्क कर सकते हैं।
गैस आपूर्ति की दैनिक स्थिति की जानकारी होगी साझा
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रसोई गैस आपूर्ति की स्थिति से आमजन को प्रतिदिन मीडिया के माध्यम से अवगत कराएंगे। उन्होंने आगे कहा कि आमजन में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति की वस्तुस्थिति के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता आवश्यक है ताकि किसी प्रकार की भ्रामक स्थिति उत्पन्न न हो।
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