अब होटल और प्राइवेट जगहों में नहीं होंगे सरकारी कार्यक्रम, धन खर्च पर लगेगी लगाम
News In Short
- राजस्थान में होटल और प्राइवेट जगहों पर नहीं हो सकेंगे सरकारी आयोजन।
- सरकारी कार्यक्रम अब सरकारी भवनों और संस्थाओं में ही किए जा सकेंगे।
- विशेष परिस्थिति में प्राइवेट स्थानों पर आयोजन के लिए कमेटी से मंजूरी लेनी होगी।
- राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब अब कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध होंगे।
- सरकारी खर्चों पर नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए नई गाइडलाइन जारी।
News In Detail
राजस्थान सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें सरकार की तरफ से होने वाले आयोजनों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें अब सभी सरकारी विभागों और संस्थाओं को होटल और प्राइवेट स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने से मना किया गया है। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी बैठकें, सेमिनार, प्रदर्शनी और समारोह अब सरकारी भवनों और संस्थाओं में ही आयोजित किए जाएंगे।
सरकारी भवनों में होंगे कार्यक्रम
मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार सभी सरकारी कार्यक्रम अब सरकारी भवनों, संस्थाओं के ऑडिटोरियम और कॉन्फ्रेंस हॉल में किए जाएंगे। इससे सरकारी पैसे की बचत होगी और संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। सभी विभागों को यह निर्देश दिया गया है कि भविष्य में होने वाले सभी कार्यक्रम, सेमिनार और प्रदर्शनी सरकारी हॉलों में ही आयोजित किए जाएं।
विशेष परिस्थितियों में होगी छूट
यदि किसी विशेष परिस्थिति के तहत होटल या प्राइवेट स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करना जरूरी होगा, तो इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी से अनुमति प्राप्त करनी होगी। इस कमेटी में वित्त विभाग के एसीएस, जीएडी के प्रमुख सचिव और संबंधित विभाग के एसीएस या प्रमुख सचिव सदस्य होंगे। यह नियम सरकारी आयोजनों के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
सरकारी हॉल्स की उपलब्धता
मुख्य सचिव के सर्कुलर के अनुसार सरकारी विभागों और संस्थाओं के पास सभी सुविधाओं से लैस कॉन्फ्रेंस हॉल उपलब्ध हैं। इनका उपयोग सरकारी आयोजनों के लिए किया जाएगा। इनमें प्रमुख सरकारी हॉल जैसे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान, हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान, और राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान दुर्गापुरा शामिल हैं।
सार्वजनिक और निजी संस्थानों में हुए कार्यक्रमों के फायदे
सरकारी आयोजनों के लिए अब सरकारी भवनों के इस्तेमाल से कार्यक्रमों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं और प्रबंधन सुनिश्चित होंगे। इसके अलावा, सरकारी भवनों में कार्यक्रमों के आयोजन से अधिक पारदर्शिता और जिम्मेदारी का माहौल बनेगा, जिससे सरकारी कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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