जल्द हट सकती है तबादलों से पाबंदी, मंत्रियों और विधायकों ने बना रखा है दबाव
News In Short
- राजस्थान में अधीनस्थ कर्मचारियों के तबादलों पर पाबंदी हटाने की तैयारी।
- मुख्यमंत्री के स्तर पर तबादला पर बैन हटाने पर जल्द फैसला होने की उम्मीद।
- 27 महीने के कार्यकाल में दो बार सीमित समय के लिए खुले थे तबादले।
- भाजपा विधायक और मंत्री तबादले खोलने का लगातार बना रहे दबाव।
- थर्ड ग्रेड शिक्षकों को तबादला नीति बनने तक करना पड़ सकता है इंतजार।
News In Detail
राजस्थान में अधीनस्थ कर्मचारियों और गैर-राजपत्रित अधिकारियों के तबादलों पर लगी पाबंदी जल्द ही हटाई जा सकती है। 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में आई भजनलाल सरकार ने करीब 27 महीने के कार्यकाल में दो बार 10-10 दिन के लिए तबादले खोले थे। हालांकि इस दौरान स्कूली व उच्च शिक्षा में पाबंदी जारी रही थी। सूत्रों का कहना है कि तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री के स्तर पर फैसला जल्द हो सकता है।
मंत्रियों और विधायकों का दबाव
भाजपा विधायक और मंत्री लगातार तबादले खोलने की मांग कर रहे हैं। लगातार दबाव के कारण सरकार ने तबादले खोलने का मन बना लिया है। हालांकि इस बार भी तबादले सीमित अवधि के लिए ही खोले जाएंगे। सरकार हाल ही में आईएएस और आईपीएस के तबादले करके नौकरशाही की तस्वीर बदल चुकी है। हालांकि, थर्ड ग्रेड शिक्षकों को तबादला नीति बनने तक अभी और इंतजार करना होगा।
पंचायत व निकाय चुनावों के लिए
सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों और विधायकों ने संगठन और सरकार के कर्ताधर्ताओं को साफ कह दिया है कि पार्टी की जमीनी स्थिति बहुत खराब है। पंचायत और निकाय चुनावों में पार्टी को इसका भारी खामियाजा भुगतना होगा। पंचायत व निकाय चुनाव टालने के कारण पहले ही पार्टी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। कांग्रेस सरकार जाने के बाद तबादले के इंतजार में कर्मचारी भरे बैठे हैं। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द तबादलों से पाबंदी हटानी चाहिए।
सात साल से है इंतजार
राजस्थान में थर्ड ग्रेड टीचर्स के ट्रांसफर सात साल से खुलने का इंतजार कर रहे है। लेकिन,अभी तक सरकार ने इनके तबादलों को लेकर कोई इशारा नहीं किया है। अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पूरे पांच साल थर्ड ग्रेड टीचर तबादले नहीं किए थे।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार अब भी इनके तबादलों पर सरकार का रुख साफ नहीं है। बताया जा रहा है कि तबादला नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने तक शिक्षकों के तबादले नहीं होंगे।
पुलिस ने मांगे आवेदन
उधर, जयपुर के पुलिस आयुक्तालय ने तबादले के इच्छुक पुलिस कर्मियों से आवेदन मांगे हैं। अतिरिक्त पुलिस प्रशासन आयुक्त योगेश दाधीच के हस्ताक्षर से जारी आदेश में सभी पुलिस उपायुक्तों से अपनी टिप्पणी के साथ सभी आवेदनों को 6 अप्रैल तक भिजवाने को कहा है।
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