वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, राजस्थान में बदले भर्ती नियम
News In Short
- राजस्थान में अब जॉइनिंग के एक साल के भीतर खाली पद वेटिंग लिस्ट से भरे जाएंगे।
- कार्मिक विभाग ने इस संबंध में महत्वपूर्ण परिपत्र जारी कर दिया है।
- पहले जॉइनिंग के बाद पद खाली होने पर अगली भर्ती में करना पड़ता था इंतजार।
- नए नियम से भर्ती प्रक्रिया में समयबद्धता आएगी और सरकारी कामकाज बनेगा निरंतर।
- यह नियम अब से होने वाली भर्तियों पर लागू होगा, पुराने मामलों पर नहीं।
News In Detail
राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और प्रतीक्षा सूची (Waiting List) में शामिल अभ्यर्थियों के लिए भजनलाल सरकार ने एक बहुत बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है।
सरकार ने बरसों पुराने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब यह व्यवस्था दी है कि यदि किसी अभ्यर्थी के कार्यग्रहण (जॉइनिंग) करने के बाद भी एक साल के भीतर पद खाली होता है, तो उसे नई भर्ती में शामिल करने के बजाय वर्गवार प्रतीक्षा सूची से भरा जाएगा।
इस संबंध में कार्मिक विभाग की शासन सचिव अर्चना सिंह द्वारा आज, 4 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण परिपत्र (Circular) जारी किया गया है।
क्यों पड़ा इस फैसले की जरूरत?
अब तक के नियमों के मुताबिक, जैसे ही कोई नवचयनित अभ्यर्थी पद पर कार्यग्रहण कर लेता था, वैसे ही उस पद की भर्ती प्रक्रिया पूरी मान ली जाती थी। इसके बाद यदि वह अभ्यर्थी इस्तीफा दे देता था, उसकी मृत्यु हो जाती थी या उसे बर्खास्त (पदच्युत) कर दिया जाता था, तो वह पद नवीन रिक्ति माना जाता था।
उसे अगली नई भर्ती में जोड़ा जाता था, जिससे पदों को भरने में सालों का समय लग जाता था और सरकारी काम प्रभावित होते थे।
नया नियम क्या है?
कार्मिक विभाग द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार:
1 वर्ष की समय सीमा: अंतिम चयन सूची (मूल सूची) की अनुशंसा भेजने की तिथि से 01 वर्ष के भीतर यदि कोई चयनित अभ्यर्थी सेवा का परित्याग (इस्तीफा) करता है, उसकी मृत्यु हो जाती है या उसे पदच्युत किया जाता है, तो वह पद खाली नहीं रहेगा।
वेटिंग लिस्ट से चयन: उस खाली हुए पद को अब वर्गवार प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों से तुरंत भरा जाएगा।
राजकीय कार्यों में निरंतरता: सरकार का मानना है कि इस फैसले से भर्ती प्रक्रियाओं में समयबद्धता आएगी, सरकारी काम बिना रुके चलेंगे और युवाओं को रोजगार के समुचित अवसर मिलेंगे।
पुराने मामलों पर नहीं होगा असर
परिपत्र में यह साफ किया गया है कि यह नियम आगे आने वाले मामलों और वर्तमान प्रक्रियाओं पर लागू होगा। जो प्रकरण इस नए स्पष्टीकरण/आदेश से पहले ही निस्तारित हो चुके हैं, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा।
इन्हें भेजी गई प्रतियां
यह आदेश राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अजमेर, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) जयपुर, समस्त अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टरों सहित सभी नियुक्ति प्राधिकारियों को भेजकर कड़ाई से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं।
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