राजस्थान में GST विभाग का एक्शन, 11 दुकानों की जांच में 5.55 करोड़ की देनदारी निकली
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में टैक्स चोरी पर बड़ी कार्रवाई
- 11 प्रतिष्ठानों की जांच, करोड़ों की देनदारी
- GST रिटर्न में गड़बड़ी का खुलासा
- 1.49 करोड़ रुपए जमा, आगे जांच जारी
- होटल, रेस्टोरेंट और कारोबारियों पर विभाग की नजर
जयपुर. राजस्थान में टैक्स चोरी, कम कर भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के गलत इस्तेमाल के मामलों को लेकर वाणिज्यिक कर विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने 15 से 17 सितंबर के बीच राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में 11 प्रतिष्ठानों का सर्वे और निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में करीब 5.55 करोड़ रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है।
विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं ने अब तक 1.49 करोड़ रुपए से अधिक की राशि नकद जमा या ITC रिवर्सल के रूप में जमा की है। कई मामलों में दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। आगे की जांच के लिए कुछ करदाताओं को समन भी जारी किए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सामने आई कर देनदारी प्रारंभिक जांच पर आधारित है। रिकॉर्ड, बिल, रिटर्न और अन्य दस्तावेजों के विस्तृत सत्यापन के बाद वास्तविक देनदारी निर्धारित की जाएगी।
जयपुर के रेस्टोरेंट में फरवरी से GST भुगतान नहीं
जयपुर के वैशाली नगर स्थित क्लेबॉर्न रेस्टोरेंट (गुड्डू हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड) में 16 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभाग के अनुसार, जांच में फरवरी 2026 से GST भुगतान नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई।
रेस्टोरेंट पर करीब 20 लाख रुपए की संभावित GST देनदारी का आकलन किया गया। इसके विरुद्ध 10 लाख रुपए नकद जमा किए गए। मामले में VAT-14 नोटिस भी जारी किया गया है। विभाग अब संबंधित रिकॉर्ड और कर भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
सम्राट रेस्टोरेंट के दोनों प्रतिष्ठानों की जांच
जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित सम्राट रेस्टोरेंट के दोनों प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान GST पोर्टल पर 1 प्रतिशत की दर से कर भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई। विभाग के अनुसार, यदि संबंधित प्रतिष्ठानों पर 5 प्रतिशत कर दर लागू होती है, तो कर भुगतान का विस्तृत सत्यापन जरूरी होगा।
दोनों प्रतिष्ठानों में करीब 10-10 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है। अंतिम देनदारी का निर्धारण रिकॉर्ड और लागू कर नियमों के सत्यापन के बाद किया जाएगा।
होटल, रेस्टोरेंट और स्पा में ITC रिवर्सल
यश रियलमार्ट प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित दी आऊरियम होटल, मिनोरी रेस्टोरेंट और ओलिंपिया स्पा एंड वेलनेस सेंटर की जांच में अपात्र ITC के इस्तेमाल और सेट-ऑफ से जुड़ी संभावित अनियमितताएं सामने आईं। विभाग के अनुसार, करीब 1 करोड़ रुपए की संभावित राजस्व देनदारी के विरुद्ध करदाता ने कार्रवाई के दौरान 55 लाख रुपए का ITC रिवर्स किया। दस्तावेजों की विस्तृत जांच के लिए 23 सितंबर को उपस्थित होने का समन जारी किया गया है।
प्रकाश लाइटिंग में 30.37 लाख रुपए जमा
प्रकाश लाइटिंग प्रतिष्ठान पर कार्रवाई के दौरान 18.10 लाख रुपए का ITC रिवर्स किया गया। इसके अलावा 12.27 लाख रुपए नकद जमा किए गए।इस तरह कुल 30.37 लाख रुपए की राशि जमा या रिवर्सल के रूप में सामने आई है। विभाग अब प्रतिष्ठान की पुस्तकों, खरीद बिलों और अन्य कारोबारी रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
सॉफ्टस्टार पर 1.76 करोड़ रुपए की संभावित देनदारी
जयपुर स्थित सॉफ्टस्टार इंटेलिजेंट ट्रांजैक्शन सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के GST रिटर्न की जांच में विभिन्न विसंगतियां सामने आने की जानकारी दी गई है।प्रारंभिक जांच में करीब 1.76 करोड़ रुपए की संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया। इसके विरुद्ध करदाता ने 7.54 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए हैं। विभाग द्वारा रिटर्न और संबंधित रिकॉर्ड का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है।
कन्हैया ट्रेडर्स में ITC और स्टॉक की जांच
बिलासपुर और भीलवाड़ा क्षेत्र के कन्हैया ट्रेडर्स के निरीक्षण में उपलब्ध ITC के करीब 97 प्रतिशत उपयोग से जुड़ी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान स्टॉक में भी अंतर पाया गया। विभाग के अनुसार, करदाता ने 11.50 लाख रुपए जमा किए हैं। मामले में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर की जांच आगे जारी है।
श्रीगंगानगर में 17.59 लाख रुपए जमा
श्रीगंगानगर के इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान श्री गोविंदम के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर मिलने की जानकारी सामने आई है। निरीक्षण के दौरान करीब 85 लाख रुपए मूल्य का स्टॉक पाया गया। विभाग के अनुसार, प्रतिष्ठान ने 17.59 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए। इसमें CGST और SGST की 8.795-8.795 लाख रुपए की राशि शामिल है।
बीकानेर की HMT STEEL INDUSTRIES पर जांच
बीकानेर स्थित HMT STEEL INDUSTRIES के निरीक्षण में घोषित और भुगतान की गई कर देनदारी के बीच अंतर की जांच की गई। जनवरी से मार्च 2026 और जून 2026 की एंट्रियों के परीक्षण में करीब 1.12 करोड़ रुपए के कर अंतर का प्रारंभिक आकलन किया गया है। विभाग संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की आगे जांच कर रहा है।
अलवर में ITC से जुड़ी संभावित अनियमितताएं
अलवर स्थित अकांशा इंजीनियरिंग वर्क्स में निरस्त और कथित फर्जी फर्मों से ITC लिए जाने का मामला जांच में सामने आया। करीब 16.35 लाख रुपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 7.15 लाख रुपए जमा किए। इसमें 6.35 लाख रुपए नकद और 80 हजार रुपए ITC रिवर्सल शामिल है।
इसी तरह अभि इंजीनियरिंग वर्क्स में अब-इनिशियो कैंसिल फर्मों से करीब 9.77 लाख रुपए का ITC लिए जाने की जानकारी दी गई है। संबंधित मामले में दस्तावेज और बही-खाते प्रस्तुत करने के लिए 28 सितंबर को उपस्थित होने का समन जारी किया गया है।
विस्तृत सत्यापन के बाद तय होगी अंतिम देनदारी
वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार, सभी मामलों में सामने आई अनियमितताएं प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। पुस्तकों, बिलों, GST रिटर्न, ITC और अन्य रिकॉर्ड के विस्तृत सत्यापन के बाद वास्तविक कर देनदारी तय की जाएगी। जहां अनियमितता प्रमाणित होगी, वहां लागू CGST/RGST Act और संबंधित VAT कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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