राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व एक्टिंग CJ के खिलाफ चौथा पत्र, जस्टिस मेहता ने लगाए नए आरोप
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक CJ के खिलाफ चौथा पत्र, बढ़ा विवाद।
- जज जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को लिखा नया पत्र, लगाए गंभीर आरोप।
- जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पर तानाशाही रवैये, जांच में हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार के आरोप।
- महिला जज समिति की जांच में हस्तक्षेप और मनमाने पद सृजन का दावा, CJI के फैसले का इंतजार।
- इसी बीच जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल बने राजस्थान हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश।
राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायिक विवाद गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता ने पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ एक और पत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को लिखा है।
यह उनका चौथा पत्र है, जिसमें नए और गंभीर आरोप लगाए गए हैं।इसमें न्यायिक जांच में हस्तक्षेप, गोपनीयता के उल्लंघन और प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।न्यायमूर्ति शर्मा पहले ही आरोपों को निराधार बता चुके हैं।
इस बीच, राजस्थान हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल ने पद की शपथ ले ली है।
नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने ली शपथ
विवादों के बीच सोमवार सुबह राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जस्टिससंजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय के नियमित मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ दिलाई।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनकी नियुक्ति हुई है। वे लगभग एक वर्ष से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा दे रहे जस्टिससंजीव शर्मा का स्थान लेंगे।
आंतरिक न्यायिक जांच में हस्तक्षेप के गंभीर आरोप
जस्टिस संदीप मेहता द्वारा CJI को भेजे गए ताजा पत्र में निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए गए हैं:
- जांच समिति में हस्तक्षेप: एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न/अश्लील तस्वीर से जुड़ी जांच कर रही तीन महिला जजों की समिति की कार्यवाही में सीधे हस्तक्षेप करने का आरोप।
- गोपनीयता का उल्लंघन: संवेदनशील जांच के रिकॉर्ड को अन्य अधिकारियों के साथ साझा कराने का दावा।
- अनुचित पद सृजन: कानून की तय प्रक्रिया का पालन किए बिना मनमाने ढंग से भारी वेतनमान वाले नए पद सृजित करने के आरोप।
- भूमि विवाद में दखल: बूंदी जिले के एक लंबित भूमि विवाद में न्यायिक हस्तक्षेप और अधिकारियों के तबादले की शिकायत का उल्लेख।
आरोपों पर पूर्व कार्यवाहक CJ संजीव शर्मा की सफाई
इससे पहले लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जस्टिससंजीव प्रकाश शर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था।
उन्होंने अपने बयान में कहा: "मीडिया और सोशल मीडिया में चल रही खबरें निराधार हैं। ये सभी आरोप माननीय न्यायाधीश द्वारा द्वेषवश लगाए गए हैं। मैंने CJI के समक्ष साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रख दिया है। मैं सभी से अपील करता हूं कि जब तक CJI का कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक धैर्य बनाए रखें। मुझे न्याय प्रणाली पर पूरा विश्वास है।"
ये भी पढ़ें:-
राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, यौन अपराधों में फोटो-वीडियो सीलबंद लिफाफे में हों पेश
राजस्थान हाई कोर्ट: 10 हजार सीनियर टीचर्स के प्रमोशन का रास्ता साफ, 28 याचिकाएं खारिज
राजस्थान हाई कोर्ट: शादी से राज्य बदलने पर महिलाओं को EWS लाभ से नहीं कर सकते वंचित
आसाराम के इस मामले की सुनवाई राजस्थान हाई कोर्ट में रही अधूरी, कल आ सकता है फैसला