दत्तक पुत्र को भी होगा अनुकम्पा का अधिकार, सरकार पर लगा एक लाख का जुर्माना

Ashish Bhardwaj | Jul 15, 2026, 12:44 IST
अनुकम्पा नौकरी
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि कानूनी रूप से गोद लिया बेटा भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार है। बिना कारण दावा खारिज करने पर सरकार पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान हाईकोर्ट ने दत्तक पुत्र को भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार माना है।
  • कोर्ट ने सरकार और पुलिस विभाग पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
  • यह फैसला टोंक निवासी अश्विनी गुर्जर की याचिका पर आया है।
  • पुलिस विभाग ने बिना ठोस कारण बताए अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज किया था।
  • हाईकोर्ट ने सरकार को मामले पर दोबारा विचार करने के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि कानूनी रूप से गोद लिया गया बेटा भी अनुकंपा नियुक्ति पाने का हकदार है। बिना ठोस कारण दावा खारिज करने पर सरकार और पुलिस विभाग पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला टोंक निवासी अश्विनी गुर्जर की याचिका पर आया है। कोर्ट ने सरकार को दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है।



राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि कानूनी तौर पर गोद लिया गया बेटा यानी दत्तक पुत्र भी अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने का हकदार है।



साथ ही कोर्ट ने बिना किसी ठोस कारण के याचिकाकर्ता के दावे को खारिज करने पर राजस्थान सरकार और पुलिस विभाग पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।



किसने सुनाया फैसला

जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश टोंक निवासी अश्विनी गुर्जर की याचिका को मंजूर करते हुए दिया। कोर्ट ने सरकार को कहा कि वह जुर्माना राशि 60 दिन के भीतर याचिकाकर्ता को भुगतान करे।



क्या कहा कोर्ट ने

अदालत ने माना कि पिता की मौत के बाद याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों के कारण कठिनाई झेलनी पड़ी। वहीं पुलिस विभाग ने प्रार्थी का दावा खारिज करने का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया।



ऐसे में कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों पर जुर्माना लगाना उचित होगा। यह टिप्पणी कोर्ट के फैसले का अहम हिस्सा रही।


क्या था पूरा मामला



याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पिता पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के दौरान 27 जनवरी 2022 को उनकी मृत्यु हो गई थी।



याचिकाकर्ता मृतक का विधिक रूप से गोद लिया हुआ बेटा है। उसने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।



लेकिन पुलिस विभाग ने 2 मार्च 2023 को बिना कोई ठोस कारण बताए उसका दावा खारिज कर दिया। इसी फैसले को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।



दोबारा विचार करने का निर्देश

इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थी के अनुकंपा नियुक्ति दावे पर फिर से विचार करें। साथ ही अगर वह सभी जरूरी शर्तें पूरी करे, तो उसे अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।



यह फैसला उन तमाम मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण नजीर बन सकता है, जहां गोद लिए गए बच्चों के अनुकंपा नियुक्ति के दावों को लेकर विवाद की स्थिति बनती है।



ये खबर भी पढ़े:-

बुलडोजर से ढहाया गया गैंगस्टर का घर, आईजी बोले- कौन रोहित गोदारा



वसूली मामले में जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड, IAS और RPS पर भी एक्शन



पुलिस में बड़ा बदलाव, 18 IPS का तबादला, जोधपुर पुलिस कमिश्नर भी बदले



अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से शिफ्ट हुआ पप्पू, कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रांसफर





Tags:
  • राजस्थान सरकार
  • राजस्थान हाईकोर्ट
  • पुलिस विभाग
  • अनुकंपा नियुक्ति
  • टोंक