राजस्थान HC बोला-बाहुबल कानून से ऊपर नहीं, बैंक को 6 हफ्ते में वापस दिलाएं संपत्ति

Mukesh Sharma | Sept 16, 2026, 15:58 IST
हाईकोर्ट का सख्त रुख, बाहुबल कानून से ऊपर नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने साफ किया है कि बाहुबल कानून से ऊपर नहीं। कोर्ट ने पुलिस को 6 हफ्ते में इंडसइंड बैंक को उसकी गिरवी रखी संपत्ति का कब्जा वापस दिलाने का निर्देश दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • गिरवी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने से जुड़ा मामला।
  • राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में की सख्त टिप्पणी।
  • HC ने कहा कि बाहुबल कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
  • इंडसइंड बैंक की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा।
  • पुलिस से कहा गिरवी रखी सपंत्ति का कब्जा बैंक को वापस दिलाएं।

राजस्थान हाईकोर्ट ने बैंक के पास गिरवी रखी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने के मामले में सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि बाहुबल कानून से ऊपर नहीं हो सकता। किसी को भी ताकत के दम पर कानूनी प्रक्रिया से हासिल संपत्ति पर कब्जा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।



जस्टिस अनूप कुमार ढंढ ने इंडसइंड बैंक की याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को 6 हफ्ते के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि पुलिस हर संभव कोशिश कर गिरवी रखी संपत्ति का कब्जा बैंक को वापस दिलाए।



कर्ज नहीं चुकाया तो बैंक ने शुरू की कार्रवाई

मामले में प्रतिवादियों ने अपनी संपत्ति गिरवी रखकर बैंक से कर्ज लिया था। तय समय पर कर्ज नहीं चुकाने के कारण बैंक ने उनके खातों को एनपीए (NPA) घोषित कर दिया। इसके बाद बैंक ने सरफेसी कानून की धारा 14 के तहत कार्रवाई शुरू की।



कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैंक ने गिरवी रखी संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया था। बैंक का कहना था कि इसके बाद कर्जदारों ने ताकत के दम पर दोबारा संपत्ति पर कब्जा कर लिया।



FIR के बाद भी एक साल तक कार्रवाई नहीं

बैंक ने जबरन कब्जे को लेकर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद करीब एक साल बीतने के बाद भी पुलिस की ओर से ऐसी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे बैंक को संपत्ति का कब्जा वापस मिल सके।



मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो बैंक की ओर से कहा गया कि सरफेसी कानून के तहत संपत्ति पर उसका वैध अधिकार है। इसके बावजूद कर्जदारों ने जबरन संपत्ति पर दोबारा कब्जा कर लिया।



हाईकोर्ट ने पुलिस को दिए निर्देश

जोधपुर हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार संपत्ति पर कब्जा करने के लिए बाहुबल का इस्तेमाल किया गया और इस मामले में एफआईआर भी दर्ज है। इतना समय बीतने के बाद भी बैंक को संपत्ति वापस दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं होना उचित नहीं है।



कोर्ट ने आत्मा राम बिश्नोई व अन्य बनाम जिला कलेक्टर व अन्य मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया। इसके आधार पर पुलिस को निर्देश दिया गया कि छह सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई कर बैंक को गिरवी रखी संपत्ति का कब्जा वापस दिलाने के लिए हर संभव कोशिश की जाए।



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