हाई कोर्ट भवन घटिया निर्माण मामला, RSRDC अफसरों व ठेकेदारों समेत 5 गिरफ्तार

Mukesh Sharma | Sept 07, 2026, 18:28 IST
राजस्थान हाई कोर्ट
जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन में घटिया निर्माण के मामले में पुलिस ने RSRDC के 3 अधिकारियों और 2 ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। 2024 में दर्ज केस के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर में नई बिल्डिंग में घटिया निर्माण पर पुलिस का कड़ा एक्शन।
  • RSRDC के 3 अधिकारियों और इलेक्ट्रिकल कंपनी के 2 ठेकेदारों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
  • 220 करोड़ की लागत से 2019 में तैयार हुई इमारत में हैंडओवर के बाद से ही आ रही थीं खामियां।
  • आईआईटी रिपोर्ट और खतरे की आशंका के चलते कोर्ट ने डोम एरिया में एंट्री पर लगाई रोक।

राजस्थान में जोधपुर स्थित राजस्थान हाई कोर्ट की बिल्डिंग में घटिया निर्माण व गड़बड़ियों के मामले में पुलिस ने रविवार को पांच गिरफ्तारी की हैं।



पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (RSRDC) के 3 अधिकारियों और कंपनी के कर्मचारियों समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग में निर्माण की खामियों को लेकर साल 2024 में मामला दर्ज हुआ था।



यह हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में दो जयपुर के रहने वाले हैं। मामले में जेके इलेक्ट्रिक कांट्रेक्टर जयपुर के प्रोपराइटर रामेश्वरदयाल खण्डेलवाल (59) गेटोर रोड, जयपुर और इसी फर्म के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गोपाललाल खण्डेलवाल हैं। इनके साथ ही जितेंद्र शर्मा (55),जोधपुर और नवीनचंद्र के राय (67) जोधपुर तथा राजेश पुरोहित शामिल है।



एसीपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि हाईकोर्ट भवन निर्माण में खामियों को लेकर वर्ष 2024 में केस दर्ज किया था। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आरएसआरडीसी के तीन अधिकारी और दो कंपनी के कर्मचारी शामिल है। जिसमें रामेश्वर दयाल खंडेलवाल ओर गोपाल खंडेलवाल इलेक्ट्रिकल ठेकेदार है। जबकि जितेंद्र शर्मा, नवीन के राय ओर राजेश पुरोहित RSRDC के अधिकारी है। ये उस समय हाईकोर्ट की बिल्डिंग निर्माण के समय जिम्मेदार थे।



जानिए क्या था पूरा मामला?

मामले की शुरुआत राजस्थान हाई कोर्ट के कोर्ट ऑफिसर सेल में तैनात कर्मचारी शरद जोशी की लिखित शिकायत से हुई। रिपोर्ट में बताया गया था कि झालामंड स्थित राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण कार्य RSRDC लिमिटेड ने वर्ष 2008 में शुरू किया था और दिसंबर 2019 में पूरा हुआ।



लगभग 220 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस भव्य इमारत के रख-रखाव के लिए हर साल 2 करोड़ 20 लाख का भारी-भरकम बजट भी तय था। इसके बावजूद, हैंडओवर के बाद से ही भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे और एक के बाद एक हादसों की झड़ी लग गई। हालांकि अब बिल्डिंग निर्माण में खामियों के बाद 50 नए कमरे बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।



हाईकोर्ट ने डोम एरिया में प्रवेश किया प्रतिबंधित

इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने स्व:प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर जनहित याचिका भी दर्ज की है। कोर्ट ने डोम एरिया में खतरे की आशंका देखते हुए आम लोगों और एडवोकेट की एंट्री पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने बिल्डिंग के डोम सहित अन्य हिस्सों की स्थिति,आईआईट मुंबई, आईआईटी जोधपुर की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने जवाब तलब किया था।



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