राजस्थान हाई कोर्ट: छत्तीसगढ़ के जस्टिस संजय के. अग्रवाल होंगे नए सीजे

Jageshwar prasad | Sept 01, 2026, 07:48 IST
राजस्थान हाई कोर्ट को मिलेगा नया स्थायी चीफ जस्टिस
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की। इससे पहले एक्टिंग सीजे के खिलाफ वकीलों ने प्रदर्शन किया था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान हाई कोर्ट को मिलेगा नया स्थायी चीफ जस्टिस।
  • जस्टिस संजय के अग्रवाल को सीजे बनाने की सिफारिश।
  • कार्यवाहक सीजे संजीव प्रकाश शर्मा 1 से 3 सितंबर तक रहेंगे नॉन सीटिंग।
  • सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों से मचा था घमासान
  • सीजेआई सूर्यकांत से की थी एक्टिंग सीजे को हटाने की मांग।

राजस्थान हाई कोर्ट को जल्द स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल का राजस्थान हाई कोर्ट में तबादला करने की सिफारिश की है।



इसके साथ ही राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की भी सिफारिश की गई है। यह सिफारिशें 31 अगस्त को हुई कॉलेजियम बैठक में की गईं।



कॉलेजियम की सिफारिश के बाद क्या बदलेगा

कॉलेजियम की इस सिफारिश के बाद जस्टिस एसपी शर्मा राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नहीं रहेंगे। इस पद पर अब जस्टिस संजय के. अग्रवाल की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह सिफारिशें राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद औपचारिक रूप से लागू होंगी।



जस्टिस संजय के. अग्रवाल को सीजे बनाने की सिफारिश


इससे पहले हुआ था वकीलों का प्रदर्शन

इससे पहले सोमवार को जयपुर में राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ वकीलों ने प्रदर्शन किया था।



वकीलों के एक समूह ने एक्टिंग सीजे (Acting Chief Justice) के कोर्ट रूम के बाहर जमकर नारेबाजी की। इसके चलते ज्यादातर वकील उनकी अदालत में सुनवाई के लिए पेश नहीं हो सके और कोर्ट का बहिष्कार किया गया।



कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद

यह पूरा घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश, यानी CJI (Chief Justice of India) को लिखे गए पत्रों के सामने आने के बाद शुरू हुआ।



अपने पत्र में जस्टिस मेहता ने एक्टिंग सीजे की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें राजस्थान से हटाने की मांग की थी। इसके बाद वकीलों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।



इस हफ्ते नहीं होगी सुनवाई

वकीलों और एक्टिंग सीजे के बीच बने गतिरोध के बीच जस्टिस एसपी शर्मा अगले एक सप्ताह सुनवाई नहीं करेंगे। हाई कोर्ट प्रशासन के अनुसार वे 1 से 3 सितंबर तक नॉन-सिटिंग रहेंगे।



इसके अलावा 4 सितंबर को जन्माष्टमी और 5-6 सितंबर को शनिवार-रविवार का अवकाश होने से हाई कोर्ट बंद रहेगा। इस तरह इस पूरे सप्ताह एक्टिंग सीजे की बेंच नहीं बैठेगी।



जस्टिस संदीप मेहता ने क्या लिखा था

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने CJI सूर्यकांत को कई पत्र लिखे थे। इनमें उन्होंने आरोप लगाया था कि जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं।



पत्र में यह भी दावा किया गया कि वे अक्सर साथी न्यायाधीशों को तबादले की धमकी देते हैं और खुद को CJI का करीबी बताते हैं। यह सभी बिंदु जस्टिस मेहता के पत्र में उल्लिखित आरोप हैं।



जस्टिस मेहता ने अपने पत्र में स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की मांग करते हुए कहा कि इस विचार की लगातार अनदेखी संस्था के हित के खिलाफ है। उन्होंने यह पत्र 2, 10 और 17 अगस्त को CJI को लिखे थे।



जस्टिस एसपी शर्मा

जस्टिस एसपी शर्मा ने पहले राजस्थान हाई कोर्ट में वकालत की थी। वे 16 नवंबर 2016 को राजस्थान हाई कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। साल 2022 में उनका पटना हाई कोर्ट और मार्च 2023 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट स्थानांतरण हुआ था।



मई 2025 में वे फिर राजस्थान हाई कोर्ट लौटे और 27 सितंबर 2025 को उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का प्रभार मिला था।



जस्टिस संदीप मेहता

जस्टिस संदीप मेहता ने भी राजस्थान हाई कोर्ट में वकालत से करियर शुरू किया था। वे बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।



साल 2010 में वे राजस्थान हाई कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। 15 फरवरी 2013 को उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। 9 नवंबर 2023 को वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने।



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