राजस्थान पंचायत चुनाव में आरक्षण पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार, सरकार को नोटिस, 6 सप्ताह बाद सुनवाई
राजस्थान में चल रहे पंचायत चुनाव के बीच आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट का अहम फैसला आया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के आरक्षण पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
हालांकि, कोर्ट ने आरक्षण को चुनौती देने वाली अपील पर राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। यह मामला बालोतरा जिले की ग्राम पंचायत माजीवाला से जुड़ा है। यहां वार्डों और सरपंच पद के आरक्षण को लेकर विवाद है।
सिर्फ 14 मतदाता होने के बावजूद आरक्षण का आरोप
ग्राम पंचायत माजीवाला के रहने वाले कांतिलाल ने हाईकोर्ट में आरक्षण को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत में अनुसूचित वर्ग के केवल 14 मतदाता हैं। इसके बावजूद वार्डों और सरपंच पद के लिए आरक्षण तय कर दिया गया।
उन्होंने आरक्षण के लिए इस्तेमाल किए गए जनसंख्या के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आरक्षण तय करने के लिए गलत आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी अदालत में अंतिम जांच और सुनवाई बाकी है।
पहले 9 अक्टूबर को खारिज हुई थी याचिका
इस मामले में कांतिलाल ने पहले हाईकोर्ट की एकलपीठ में याचिका दायर की थी। एकलपीठ ने 9 अक्टूबर को याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने खंडपीठ में अपील की।
अपील में तर्क दिया गया कि 3 अक्टूबर को केवल पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी हुआ था। उस समय चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि ऐसी स्थिति में आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की जा सकती थी।
सरकार बोली- चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। ऐसे में अदालत की ओर से दखल देने पर चुनाव प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार का तर्क था कि चुनाव प्रक्रिया के बीच आरक्षण से जुड़े मामले में रोक लगाने से पूरी चुनाव व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
हाईकोर्ट ने कहा- चुनाव प्रक्रिया रोकना ठीक नहीं
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने की। खंडपीठ ने कहा कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसे 17 नवंबर तक पूरा किया जाना है। ऐसे में इस समय चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना उचित नहीं होगा।
इसी आधार पर कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने अपील में उठाए गए कानूनी सवालों पर आगे सुनवाई करने का फैसला किया। इसके लिए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
चुनाव जारी रहेंगे, लेकिन आरक्षण का विवाद खत्म नहीं हुआ
हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल पंचायत चुनाव की प्रक्रिया जारी रहेगी। लेकिन ग्राम पंचायत माजीवाला में आरक्षण को लेकर उठाया गया विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है।
अदालत ने आरक्षण के लिए इस्तेमाल किए गए आंकड़ों और याचिका में उठाए गए कानूनी सवालों पर अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है। अब सरकार और संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद मामले की आगे सुनवाई होगी।