जोधपुर: HC भवन की मरम्मत 3 चरणों में होगी, 117 करोड़ खर्च; डोम रहेगा सुरक्षित
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर हाई कोर्ट भवन मरम्मत पर खर्च होंगे 117 करोड़।
- हाई कोर्ट बिल्डिंग के मुख्य डोम को सुरक्षित रखा जाएगा।
- हाईकोर्ट बिल्डिंग की मरम्मत तीन चरणों में होगी।
- 50 कोर्ट रूम का नया भवन भी होगा तैयार।
- हाईकोर्ट निर्माण गड़बड़ी मामले की जांच भी तेज हुई।
नरेश रमेश @ जोधपुर
जोधपुर के झालामंड में बने राजस्थान हाईकोर्ट भवन की मरम्मत पर करीब 117.65 करोड़ रुपए खर्च होंगे। IIT बॉम्बे की स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में भवन के कई हिस्सों में तकनीकी खामियां सामने आई हैं।
राहत की बात यह है कि हाईकोर्ट का मुख्य डोम नहीं तोड़ा जाएगा, बल्कि उसकी मरम्मत कर उसे सुरक्षित रखा जाएगा। दूसरी ओर, भवन निर्माण में कथित गड़बड़ियों की जांच भी तेज हो गई।
तीन चरणों में होगा हाई कोर्ट बिल्डिंग का काम
आईआईटी की टीम के ऑडिट के दौरान भवन के अलग-अलग हिस्सों में कई तकनीकी समस्याएं मिली हैं। इनमें सरियों में जंग, कंक्रीट की गुणवत्ता में कमी, कार्बोनेशन, क्लोराइड का असर और नमी से हुआ नुकसान शामिल है। इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए पूरे काम को तीन चरणों में बांटा गया है।
पहले चरण के लिए 27.50 करोड़ रुपए और दूसरे चरण के लिए करीब 30 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी। तीसरे चरण में करीब 60 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसकी मंजूरी की प्रक्रिया अभी चल रही।
हाईकोर्ट बिल्डिंग का मुख्य डोम नहीं टूटेगा
हाईकोर्ट भवन के मुख्य यानी केंद्रीय डोम को लेकर भी स्थिति साफ हो गई। IIT बॉम्बे की रिपोर्ट में इसे तोड़ने की सिफारिश नहीं की गई। इसके बजाय जरूरी मरम्मत और मजबूती के काम के जरिए डोम को सुरक्षित रखा जाएगा।
मरम्मत के दौरान काम की गुणवत्ता पर भी खास नजर रखी जाएगी। RSRDC ने इसके लिए निगरानी की व्यवस्था की है। काम की हर सप्ताह और 15 दिन के अंतराल पर समीक्षा की जाएगी, ताकि मरम्मत में किसी तरह की कमी न रहे।
हाईकोर्ट परिसर में बने अधिवक्ता चैंबर्स के साथ एजी और एएजी भवनों की स्थिति भी जांची जा रही है। इनका स्ट्रक्चरल ऑडिट भी IIT बॉम्बे से कराया जा रहा है।
50 कोर्ट रूम वाला नया HC भवन भी प्रस्तावित
मौजूदा हाईकोर्ट भवन की मरम्मत के साथ भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नया भवन बनाने की भी तैयारी है। सरकार ने 50 कोर्ट रूम वाले नए भवन का प्रस्ताव रखा है। इसकी डिजाइन ऐसी रखने की योजना है कि जरूरत पड़ने पर आगे 10 और कोर्ट रूम जोड़े जा सकें।
नए भवन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने के लिए 1.50 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी दी जा चुकी है।
निर्माण में गड़बड़ी की जांच भी तेज
एक तरफ जोधपुर हाईकोर्ट भवन की मरम्मत की तैयारी चल रही है, वहीं इसके निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज मामले की जांच भी आगे बढ़ रही है। हाल की सुनवाई में डीजीपी राजीव शर्मा समेत संबंधित अधिकारी हाईकोर्ट में पेश हुए। इस दौरान मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी भी कोर्ट को दी गई।
मुख्य सचिव ने इस मामले से जुड़ी लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाई को 30 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जांच अब एडीजी वी.के. सिंह की निगरानी में आगे बढ़ेगी। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय है।
FAQ
- राजस्थान हाई कोर्ट की बिल्डिंग की मरम्मत पर कितना खर्च होगा?
हाईकोर्ट भवन की मरम्मत पर करीब 117.65 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह काम तीन चरणों में पूरा होगा। - क्या हाईकोर्ट का मुख्य डोम तोड़ा जाएगा?
नहीं, IIT बॉम्बे की रिपोर्ट में डोम तोड़ने की सिफारिश नहीं की गई। इसकी मरम्मत कर इसे सुरक्षित रखा जाएगा। - HC बिल्डिंग के निर्माण गड़बड़ी मामले की अगली सुनवाई कब है?
निर्माण में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय है। जांच एडीजी वी.के. सिंह की निगरानी में हो रही है।
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